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MP Assembly special session:भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र सोमवार को राजधानी भोपाल में शुरू हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य ‘नारी शक्ति वंदन’ विषय पर चर्चा और महिला सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर विचार करना था। हालांकि, सत्र की शुरुआत से ही सदन का माहौल गर्म हो गया और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने चर्चा के दौरान सरकार को घेरते हुए आरक्षण और परिसीमन जैसे अहम मुद्दों पर सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “कब होगा आरक्षण, कब होगा परिसीमन? जवाब मिलता है अगले साल होगा…केंद्र की बात आप पहले से ही समझ गए, वाह आप अंतर्यामी हैं।” उनके इस बयान के बाद सदन में हलचल और बढ़ गई।
उमंग सिंघार ने आगे कहा कि राज्य सरकार बार-बार भविष्य की बातें करती है-कभी 2029 तो कभी 2047-लेकिन वर्तमान में ओबीसी आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि “आप मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं और मध्य प्रदेश की बात नहीं करेंगे?” सिंघार ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव से पहले लाई गई उज्ज्वला योजना का लाभ अब जमीनी स्तर पर महिलाओं तक नहीं पहुंच रहा और कई जगह उन्हें गैस टंकी तक नहीं मिल पा रही। उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया का दौर है, ऐसे में केंद्र सरकार को ऑनलाइन सर्वे कराना चाहिए और जनता से सीधे पूछा जाना चाहिए कि उन्हें अभी आरक्षण चाहिए या 2029 तक इंतजार करना है।
वहीं सत्ता पक्ष की ओर से मंत्री भूपेंद्र सिंह ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार आरक्षण और परिसीमन दोनों के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परिसीमन भी होगा, आरक्षण भी लागू होगा और आगामी चुनाव आरक्षण के साथ ही कराए जाएंगे। इसके बावजूद सदन में बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा गया। महिला सशक्तिकरण जैसे अहम मुद्दे पर बुलाए गए इस विशेष सत्र में शुरुआत से ही आरक्षण और राजनीतिक आरोपों ने चर्चा का केंद्र बदल दिया, जिससे साफ है कि आने वाले समय में यह मुद्दा और ज्यादा सियासी तूल पकड़ सकता है।