(अदिति खन्ना)
लंदन, 27 अप्रैल (भाषा) लंदन मैराथन 2026 में हिस्सा लेने वाले हजारों लोगों में दो ब्रिटिश सिख धावक भी शामिल थे जो चैरिटी के लिए हजारों पाउंड जुटाने के मकसद से ट्रेनिंग कर रहे थे।
अस्सी साल के बलदेव सिंह बैंस और 52 साल के मैनी सिंह कांग रविवार को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) द्वारा प्रायोजित इस सालाना मैराथन में करीब 59,000 धावकों के साथ शामिल हुए।
इस लंबी दूरी की दौड़ के 42 किमी से अधिक लंबे रास्ते पर जमा हुए 19,000 से अधिक लोगों ने उनका हौसला बढ़ाया। कीनिया धावक सबेस्टियन सावे ने नया रिकॉर्ड बनाते हुए दो घंटे से भी कम समय में मैराथन पूरी की।
लंदन मैराथन के प्रतियोगिता निदेशक ह्यू ब्राशर ने कहा, ‘‘यह अनुभव जबरदस्त और ऐतिहासिक रहा। हमने कुछ बेहतरीन प्रदर्शन देखे, चैरिटी के लिए पैसे जुटाने वाले बेहतरीन लोग देखे और इस बार हमारे पास दिव्यांग प्रतिभागियों की संख्या सबसे अधिक थी, साथ ही विविधता भी अब तक की सबसे अधिक थी।’’
बैंस को फौजा सिंह की याद में एक चैरिटी के लिए पैसे जुटाने की प्रेरणा मिली। फौजा सिंह ब्रिटेन के जाने-माने मैराथन धावक थे जिनकी पिछले साल जुलाई में पंजाब में एक ‘हिट-एंड-रन’ (गाड़ी से टक्कर मारकर भाग जाने) की घटना में 114 साल की उम्र में मौत हो गई थी।
‘गोफंडमी’ ऑनलाइन फंडरेजिंग मंच के जरिए जुटाई गई 7,500 पाउंड से अधिक की रकम का इस्तेमाल ‘फौजा सिंह क्लबहाउस’ बनाने में किया जाएगा। यह एक बहुउद्देशीय खेल क्लब होगा जिसका प्रस्ताव ‘सिख्स इन द सिटी’ चैरिटी ने लंदन के रेडब्रिज इलाके में लोगों को सुविधाएं देने के मकसद से रखा है।
भाषा सुधीर
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