भारत-अमेरिका ने की व्यापार समझौते पर प्रगति की समीक्षा, अंतरिम करार को लेकर चीजें अभी साफ नहीं

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भारत-अमेरिका ने की व्यापार समझौते पर प्रगति की समीक्षा, अंतरिम करार को लेकर चीजें अभी साफ नहीं

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  • Publish Date - June 24, 2026 / 07:22 PM IST,
    Updated On - June 24, 2026 / 07:22 PM IST

(तस्वीर के साथ)

नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) भारत और अमेरिका ने दो दिवसीय मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर हुई प्रगति की समीक्षा की और बाजार पहुंच, डिजिटल व्यापार तथा गैर-शुल्क बाधाओं जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की। हालांकि, अगले महीने समाप्त हो रही एक महत्वपूर्ण शुल्क समयसीमा से पहले सभी मतभेद सुलझने का कोई संकेत नहीं मिला है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जेमीसन ग्रीर ने प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण पर वार्ता की, जिसे दोनों पक्ष इस वर्ष की शुरुआत में बनी रूपरेखा के बाद से आगे बढ़ा रहे हैं।

वाणिज्य मंत्रालय ने बुधवार को वार्ता समाप्त होने पर जारी बयान में कहा कि दोनों नेताओं ने प्रस्तावित समझौते के प्रमुख तत्वों की व्यापक समीक्षा की, जिनमें बेहतर बाजार पहुंच, डिजिटल व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, गैर-शुल्क बाधाओं में कमी और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग शामिल हैं।

मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों ने अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने के मार्गों पर चर्चा की और इस बात की पुष्टि की कि वे एक ऐसे समझौते के लिए प्रतिबद्ध हैं जो ‘संतुलित और व्यावसायिक रूप से सार्थक हो।

ग्रीर की 22 से 24 जून की यात्रा ऐसे समय में हुई है जब दोनों देश 24 जुलाई को समाप्त हो रहे अस्थायी 10 प्रतिशत अमेरिकी शुल्क ढांचे से पहले अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि, बयान में कहा गया कि महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, लेकिन दोनों पक्षों ने यह नहीं बताया कि लंबित मुद्दों को सुलझा लिया गया है या नहीं।

वाणिज्य मंत्रालय ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि यह यात्रा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को संतुलित और दोनों देशों के लिए लाभकारी स्वरूप देने तथा सात फरवरी, 2026 के संयुक्त बयान के अनुरूप अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

बयान के अनुसार, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के बीच कई दौर की वार्ता हुई, जिसमें बाजार पहुंच बढ़ाने, डिजिटल व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, गैर-शुल्कीय बाधाओं को कम करने और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दों पर व्यापक समीक्षा की गई।

दोनों नेताओं ने इस बात पर भी सहमति जताई कि व्यापार समझौता संतुलित, व्यावसायिक दृष्टि से सार्थक और दोनों देशों के कारोबारियों, किसानों, श्रमिकों तथा उपभोक्ताओं के लिए ठोस लाभ पहुंचाने वाला होना चाहिए।

मंत्रालय ने कहा कि बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य के बीच भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी के बढ़ते महत्व को देखते हुए दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और विश्वसनीय एवं मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाएं विकसित करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई।

इससे पहले गोयल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ग्रीर और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठकों का दौर पूरा हुआ। हमने भारत-अमेरिका के बीच जारी व्यापारिक बातचीत की प्रगति की समीक्षा की और अपनी आर्थिक साझेदारी को और प्रगाढ़ करने के तरीकों पर बातचीत की।’’

गोयल ने कहा, ‘‘मैं ग्रीर के नेतृत्व और हमारी बातचीत को रचनात्मक और भविष्योन्मुखी तरीके से आगे बढ़ाने में दोनों टीम के लगातार प्रयास की सराहना करता हूं।’’

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दोनों देश अमेरिकी शुल्क नीति में बदलाव के बाद पहले से तय व्यापार ढांचे की समीक्षा और उसमें आवश्यक संशोधन करने का प्रयास कर रहे हैं।

ग्रीर का यह दौरा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 17 जून को फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर हुई मुलाकात के कुछ दिन बाद हुआ है। इस मुलाकात से व्यापार वार्ताओं को नई गति मिली है।

मंत्रिस्तरीय बैठक से पहले इस महीने दो से चार जून के बीच नयी दिल्ली में मुख्य वार्ताकार स्तर की बातचीत भी हुई थी।

भाषा योगेश अजय

अजय