धारा 301 की जांच के बाद ही भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूपः अधिकारी

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धारा 301 की जांच के बाद ही भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूपः अधिकारी

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  • Publish Date - June 8, 2026 / 06:53 PM IST,
    Updated On - June 8, 2026 / 06:53 PM IST

नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) अमेरिका की तरफ से धारा 301 के तहत जांच पूरी होने के बाद ही भारत और अमेरिका के बीच होने वाले द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण को अंतिम रूप दिया जा सकेगा। एक सरकारी अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि यदि अमेरिका, भारत पर कोई अतिरिक्त शुल्क लगाना चाहता है, तो उसे इसके लिए धारा 301 के तहत शुरू जांच की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस प्रक्रिया का 24 जुलाई तक पूरा होना महत्वपूर्ण है, क्योंकि उसके बाद अमेरिका द्वारा लगाया गया 10 प्रतिशत का अस्थायी अतिरिक्त शुल्क समाप्त हो जाएगा और केवल ‘सर्वाधिक तरजीही देश’ (एमएफएन) शुल्क ही लागू रहेंगे।

अधिकारी ने कहा, ‘‘ऐसे में अगर अमेरिका हमसे कोई अतिरिक्त शुल्क वसूलना चाहता है, तो उसे पहले धारा 301 के तहत जांच प्रक्रिया पूरी करनी होगी।’’

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने मार्च में भारत सहित कई देशों के खिलाफ धारा 301 के तहत एकतरफा जांच दो मामलों में शुरू की थीं। ये जांच वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में कथित बंधुआ मजदूरी और ‘अत्यधिक उत्पादन क्षमता’ से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित हैं।

यूएसटीआर ने दो जून को भारत समेत 54 देशों पर 12.5 प्रतिशत शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा था। यह शुल्क बंधुआ मजदूरी से बने उत्पादों के आयात पर प्रभावी रोक लगाने में विफल रहने के आरोप में लगाने की बात कही गई। हालांकि, ‘अत्यधिक उत्पादन क्षमता’ से जुड़ी दूसरी जांच की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।

इस बीच, भारत अपने प्रतिस्पर्धी देशों जैसे आसियान समूह, श्रीलंका और बांग्लादेश की तुलना में कम शुल्क लगाने की मांग कर रहा है।

पिछले सप्ताह वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि दोनों देश अंतरिम व्यापार समझौते के लंबित मुद्दों को सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और जुलाई के मध्य तक पहले चरण को अंतिम रूप दिया जा सकता है।

एक अमेरिकी दल ने दो से चार जून के बीच भारत का दौरा कर व्यापार समझौते पर चर्चा की। महीने के अंत में जेमीसन ग्रीर के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के भी भारत आने की संभावना है।

वित्त वर्ष 2025-26 में अमेरिका, भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा। इस दौरान भारत का अमेरिका को निर्यात 0.92 प्रतिशत बढ़कर 87.3 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 15.95 प्रतिशत बढ़कर 52.9 अरब डॉलर हो गया।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय