वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था तेज वृद्धि के लिए मजबूत स्थिति में: आईटीसी

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वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था तेज वृद्धि के लिए मजबूत स्थिति में: आईटीसी

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  • Publish Date - June 26, 2026 / 08:14 PM IST,
    Updated On - June 26, 2026 / 08:14 PM IST

नयी दिल्ली, 26 जून (भाषा) वैश्विक तनाव और मौसम से जुड़े जोखिमों के कारण पैदा होने वाली तात्कालिक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मध्यम अवधि में निरंतर वृद्धि के लिए मजबूत स्थिति में है। आईटीसी ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में यह बात कही है।

रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2026-27 में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है।

इसमें कहा गया कि अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, न्यूजीलैंड और ओमान के साथ हाल में संपन्न द्विपक्षीय व्यापार समझौते (एफटीए) भारत की समग्र आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं के लिए अनुकूल संकेत हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि देश की आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं को अनुकूल कृषि परिदृश्य, सेवा क्षेत्र की स्थिर गतिविधियों, पूंजीगत व्यय पर सरकार के निरंतर जोर तथा अनुकूल मौद्रिक एवं वित्तीय परिस्थितियों से बल मिलता रहेगा।

आईटीसी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरी में मजबूती और बेरोजगारी दर में कमी के कारण ग्रामीण खपत मजबूत बनी रहने की संभावना है। वहीं, लोगों की खर्च योग्य आय और उपभोग बढ़ाने के उपायों तथा उपभोक्ता ऋण में सुधार के कारण शहरी मांग में भी वृद्धि आने की उम्मीद है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनियों और बैंकों की मजबूत बही खाता, कम ब्याज दरें तथा लगभग 75 प्रतिशत क्षमता उपयोग निजी क्षेत्र के पूंजीगत निवेश में पुनरुद्धार के लिए मजबूत आधार प्रदान करते हैं।

हालांकि, कंपनी ने आगाह किया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आयातित मुद्रास्फीति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि यदि यह व्यवधान लंबे समय तक जारी रहता है और साथ ही अल नीनो जैसी परिस्थितियां उभरती हैं, जिससे मानसून कमजोर पड़ सकता है तथा भीषण गर्मी बढ़ सकती है, तो इससे आर्थिक वृद्धि, मुद्रास्फीति और चालू खाते पर प्रतिकूल असर पड़ने का जोखिम है।

आईटीसी ने कहा कि इन घटनाक्रमों का उपभोक्ता विश्वास और मांग की स्थिति पर भी अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है तथा निकट अवधि में इन पर नजर रखने की जरूरत होगी।

कंपनी ने कहा कि अल्पकालिक चुनौतियों के बावजूद अनुकूल जनसांख्यिकीय संरचना, बढ़ती समृद्धि, तीव्र शहरीकरण, डिजिटल प्रौद्योगिकी को तेजी से अपनाया जाना तथा बेहतर बुनियादी ढांचा एवं संपर्क जैसी संरचनात्मक मजबूती के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था मध्यम अवधि में तेज वृद्धि के लिए अच्छी स्थिति में है।

भाषा योगेश रमण

रमण