ओडिशा के मुख्यमंत्री ने औद्योगीकरण को गति देने के लिए शुरू किया ‘गो-ईस्ट’ मंच

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ओडिशा के मुख्यमंत्री ने औद्योगीकरण को गति देने के लिए शुरू किया ‘गो-ईस्ट’ मंच

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  • Publish Date - June 26, 2026 / 08:27 PM IST,
    Updated On - June 26, 2026 / 08:27 PM IST

भुवनेश्वर, 26 जून (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पूर्वी भारत में औद्योगीकरण को गति देने और संतुलित विकास सुनिश्चित करने के मकसद से शुक्रवार को ‘गो-ईस्ट’ मंच की शुरुआत करने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय ताकत और सहयोग से विकास में तेजी आएगी।

माझी ने भुवनेश्वर में पहली बार आयोजित सीआईआई पूर्वी क्षेत्र परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। इस दौरान उन्होंने बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और झारखंड समेत पूर्वी क्षेत्र के करीब 55 उद्योग प्रतिनिधियों से बातचीत की।

उन्होंने कहा कि गो-ईस्ट (पूर्वी क्षेत्र में निवेश में तजी लाने वाला विशेष कार्यबल) एकल खिड़की प्रणाली के तहत बनाया गया विशेष सुविधा तंत्र है, जिसका उद्देश्य पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत से निवेश आकर्षित करना तथा निवेश परियोजनाओं को तेजी से मंजूरी देना है। इसके तहत प्राथमिकता के आधार पर सुविधाएं, त्वरित मंजूरी, समर्पित निवेश प्रबंधन और रणनीतिक औद्योगिक परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों के समाधान की व्यवस्था होगी।

मुख्यमंत्री ने पूर्वी भारत की औद्योगिक वृद्धि के अगले चरण में ओडिशा की भूमिका को अहम करार दिया। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य की दिशा में पूर्वी भारत का विकास निर्णायक होगा और ओडिशा बड़े पैमाने पर निवेश, सहयोग तथा क्षेत्रीय मूल्य श्रृंखला के विकास का मंच बनने के लिए तैयार है।

माझी ने औद्योगिक नीति संकल्प-2022 में संशोधन की भी घोषणा की। इसके तहत औद्योगिक रूप से कम विकसित 15 जिलों में स्थापित होने वाली पात्र गैर-खनिज आधारित नयी औद्योगिक इकाइयों को ‘प्रमुख क्षेत्र’ का दर्जा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘क्षेत्र की मजबूती और सहयोग से ही क्षेत्रीय वृद्धि होगी। ओडिशा बड़े पैमाने पर काम करने के लिए आपका मंच बनने को तैयार है।’’

कार्यक्रम में 230 से अधिक उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें जुपिटर वैगन्स लिमिटेड, सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड, मैस्कॉट स्टील, नंदराज टेक्सटाइल, श्याम मेटालिक्स, सीईएससी ग्रीन एनर्जी, लक्ष्मी ग्रुप सहित कई कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे।

आधिकारिक बयान के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान छह क्षेत्रों – इस्पात, धातु आधारित उद्योग, वस्त्र, बिजली, हरित ऊर्जा उपकरण और रसायन से जुड़े सात समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों से करीब 24,823 करोड़ रुपये के निवेश और लगभग 29,500 लोगों के लिए रोजगार की संभावना है।

ओडिशा के उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वैन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

भाषा यासिर रमण

रमण