भारत का वृद्धि परिदृश्य सबसे मजबूत, कारोबारी सुगमता में चौथा स्थान: डब्ल्यूईएफ सर्वेक्षण

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भारत का वृद्धि परिदृश्य सबसे मजबूत, कारोबारी सुगमता में चौथा स्थान: डब्ल्यूईएफ सर्वेक्षण

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  • Publish Date - September 22, 2026 / 04:38 PM IST,
    Updated On - September 22, 2026 / 04:38 PM IST

नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) वैश्विक स्तर पर भारत का आर्थिक वृद्धि परिदृश्य सबसे मजबूत बना हुआ है, लेकिन बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए अनुकूल कारोबारी माहौल के मामले में देश फिसलकर चौथे स्थान पर आ गया है। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) द्वारा मंगलवार को जारी एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है।

इस साल मई में प्रकाशित पिछली तिमाही के ‘मुख्य अर्थशास्त्री परिदृश्य’ में कारोबारी सुगमता के लिहाज से भारत दूसरे स्थान पर था।

ताजा सर्वेक्षण में पाया गया कि अधिकांश (56 प्रतिशत) मुख्य अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि वैश्विक परिदृश्य स्थिर रहेगा या इसमें सुधार होगा। यह मई की तुलना में एक बड़ा सुधार है, जब 89 प्रतिशत अर्थशास्त्रियों ने आर्थिक स्थितियों के और कमजोर होने की आशंका जताई थी।

हालांकि, इस सुधार के बीच इस बात को लेकर भरोसा सीमित है कि यह स्थिरता आगे भी बनी रहेगी या नहीं।

डब्ल्यूईएफ ने कहा कि लगभग सभी उत्तरदाताओं (97 प्रतिशत) ने अगले एक साल के दौरान भू-राजनीतिक संघर्षों को अनिश्चितता का संभावित स्रोत बताया, 58 प्रतिशत ने परिसंपत्ति की कीमतों में गिरावट की आशंका जताई, और केवल एक-चौथाई को ही उम्मीद है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था अधिक जुझारू बनेगी।

भारत के संदर्भ में रिपोर्ट में कहा गया कि सर्वेक्षण में शामिल सभी भौगोलिक क्षेत्रों में देश का वृद्धि परिदृश्य लगातार सबसे मजबूत बना हुआ है।

दुनिया भर के जिन मुख्य अर्थशास्त्रियों का सर्वेक्षण किया गया, उनमें से 98 प्रतिशत ने अगले 12 महीनों में भारत में मध्यम या उससे अधिक मजबूत वृद्धि की उम्मीद जताई। इसमें 74 प्रतिशत ऐसे थे जिन्होंने मजबूत या बेहद मजबूत वृद्धि का अनुमान लगाया, जबकि मई में ऐसा मानने वाले 52 प्रतिशत थे।

रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘घरेलू मांग में मजबूती से वृद्धि को समर्थन मिलते रहने की उम्मीद है, हालांकि ऊर्जा की ऊंची कीमतें दबाव बनाए हुए हैं।’’

रिपोर्ट के अनुसार बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए अनुकूल कारोबारी माहौल के मामले में अमेरिका शीर्ष पर है, जिसके बाद दक्षिण-पूर्व एशिया और यूरोप का स्थान आता है।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय