(Smartphone Screen Protector/ Image Credit: Pexels)
नई दिल्ली: Smartphone Screen Protector: भारत में मोबाइल फोन के स्क्रीन प्रोटेक्टर को लेकर नया नियम लागू होने जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने स्क्रीन प्रोटेक्टर को उन उत्पादों की सूची में शामिल किया है जिनके लिए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का सर्टिफिकेशन जरूरी होगा। यह नया नियम 1 अप्रैल 2027 से प्रभावी होगा। इसके बाद भारत में बिकने वाले मोबाइल स्क्रीन प्रोटेक्टर (Smartphone Screen Protector) को निर्धारित भारतीय मानक IS 19348:2025 के मुताबिक तैयार करना होगा। BIS की मंजूरी के बिना ऐसे प्रोडक्ट को बाजार में बेचना कानूनी रूप से संभव नहीं होगा।
इस फैसले का सबसे ज्यादा असर स्क्रीन प्रोटेक्टर बनाने वाली कंपनियों, ब्रांड्स और भारत में इन्हें इंपोर्ट करने वाले कारोबारियों पर पड़ेगा। कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके उत्पाद तय गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं। भारत में बड़ी संख्या में स्क्रीन प्रोटेक्टर स्थानीय स्तर पर बनाए जाते हैं, जबकि कई कंपनियां चीन और दूसरे देशों से इन्हें आयात करती हैं। नए नियम लागू होने के बाद घरेलू निर्माताओं और आयातकों दोनों को BIS की निर्धारित प्रक्रिया (Smartphone BIS Screen Protector) का पालन करना होगा।
नए भारतीय मानक के तहत स्क्रीन प्रोटेक्टर की गुणवत्ता और मजबूती से जुड़े कई पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा। इनमें प्रोटेक्टर की मोटाई, आकार और डाइमेंशन के साथ-साथ इस्तेमाल होने वाले ग्लास की क्वालिटी भी शामिल है। इसके अलावा एंटी-शैटर फिल्म, ओलेओफोबिक कोटिंग, एंटी-ग्लेयर फीचर और ब्लू-लाइट फिल्टर जैसे फीचर्स के लिए भी तय आवश्यकताएं हो सकती हैं। निर्माताओं को इन मानकों के अनुसार टेस्टिंग और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।
नए नियमों का सीधा असर मोबाइल यूजर्स पर भी देखने को मिल सकता है। तय गुणवत्ता मानकों (Smartphone Screen Protector) को पूरा करने के कारण बाजार में उपलब्ध स्क्रीन प्रोटेक्टर की कीमतों में बदलाव संभव है। बेहतर क्वालिटी और जरूरी टेस्टिंग की वजह से कुछ प्रोडक्ट पहले की तुलना में महंगे हो सकते हैं। वहीं, नए नियम लागू होने के बाद बाजार में उपलब्ध प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता को लेकर ग्राहकों को ज्यादा भरोसा होगा।