भारत में सरसों का उत्पादन बढ़कर 119.4 लाख टन होने का अनुमान

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भारत में सरसों का उत्पादन बढ़कर 119.4 लाख टन होने का अनुमान

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  • Publish Date - March 30, 2026 / 02:54 PM IST,
    Updated On - March 30, 2026 / 02:54 PM IST

जयपुर, 30 मार्च (भाषा) भारत में राई-सरसों का उत्पादन 2025-26 के रबी सत्र में बढ़कर 119.4 लाख टन होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 115.2 लाख टन से अधिक है। यह जानकारी उद्योग संगठन सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) ने सोमवार को दी।

एसईए के अध्यक्ष संजीव अस्थाना ने कहा कि यह पहला उत्पादन अनुमान एक अध्ययन पर आधारित है। सरसों उत्पादक जिलों में जमीनों के सर्वेक्षण, फसल कटाई और रिमोट सेंसिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करके विस्तृत अध्ययन किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘अनुमान के अनुसार, राई-सरसों का कुल क्षेत्रफल 2024-25 के 92.15 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 93.91 लाख हेक्टेयर हो गया है। औसत उत्पादकता भी बेहतर मौसम और उन्नत कृषि पद्धतियों के चलते 1,250 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 1,271 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर होने का अनुमान है।’’

एसईए के अध्यक्ष ने कहा कि देश में सरसों का उत्पादन वर्षों से लगातार बढ़ रहा है, जो 2019-20 में लगभग 86 लाख टन था और 2025-26 में करीब 120 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है।

उन्होंने कहा, “अधिक सरसों की फसल घरेलू खाद्य तेल की उपलब्धता बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद करेगी।”

एसईए रैपसीड मस्टर्ड प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन विजय डाटा ने कहा कि राज्य स्तर पर राजस्थान देश में सरसों के उत्पादन में सबसे आगे बना हुआ है, जहां उत्पादन का अनुमान 53.9 लाख टन है। जबकि उत्तर प्रदेश में उत्पादन में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो कि 18.1 लाख टन तक पहुंच गया है। मध्य प्रदेश का उत्पादन थोड़ा कम होकर 13.9 लाख टन और हरियाणा का उत्पादन 12.7 लाख टन तक पहुंच गया।

एसईए, मुंबई के कार्यकारी निदेशक डॉ. बी.वी. मेहता ने कहा कि ये अनुमान अस्थायी हैं और आगे के फील्ड सर्वे और अद्यतन आंकड़ों के आधार पर संशोधित किए जा सकते हैं। अंतिम सर्वे अप्रैल-मई में किया जाएगा ताकि उत्पादन अनुमानों की पुष्टि हो सके।

भाषा बाकोलिया अजय

अजय

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