देश के सेवा क्षेत्र की वृद्धि मई में छह महीने के उच्च स्तर पर

देश के सेवा क्षेत्र की वृद्धि मई में छह महीने के उच्च स्तर पर

देश के सेवा क्षेत्र की वृद्धि मई में छह महीने के उच्च स्तर पर
Modified Date: June 3, 2026 / 11:48 am IST
Published Date: June 3, 2026 11:48 am IST

नयी दिल्ली, तीन जून (भाषा) देश के सेवा क्षेत्र की वृद्धि मई में छह महीने के उच्च स्तर 59.8 पर पहुंच गई। इसे मजबूत मांग, नए ग्राहकों एवं कारोबार में निरंतर सुधार का समर्थन मिला। बुधवार को जारी मासिक सर्वेक्षण में यह जानकारी मिली।

मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी भारत सेवा पीएमआई कारोबारी गतिविधि सूचकांक अप्रैल के 58.8 से बढ़कर मई में 59.8 हो गया जो पिछले वर्ष नवंबर के बाद विस्तार की सबसे तेज दर को दर्शाता है।

क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) की भाषा में 50 से ऊपर अंक का मतलब गतिविधियों में विस्तार से और 50 से कम का आशय संकुचन से होता है।

यह सूचकांक एक प्रश्न पर आधारित होता है, जिसमें पूछा जाता है कि व्यापारिक गतिविधि का स्तर पिछले महीने की तुलना में कैसा है।

एचएसबीसी की मुख्य अर्थशास्त्री (भारत) प्रांजुल भंडारी ने कहा, “मई में भारत का सेवा पीएमआई व्यावसायिक गतिविधियों में विस्तार का संकेत देता है, जिसे नए कारोबार में निरंतर वृद्धि का समर्थन मिला। भारत द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं की बाहरी मांग भी तेज गति से बढ़ी, जो अप्रैल की गिरावट के बाद उभरी है। कच्चे माल की लागत में कमी से मुद्रास्फीति में नरमी आई, जिससे बिक्री कीमतों पर दबाव कम हुआ।’’

माल ढुलाई, डिजिटल समाधान, ई-कॉमर्स, मनोरंजन और आईटी जैसी सेवाओं की मजबूत मांग ने मई में नए कारोबार की वृद्धि को बढ़ावा दिया। इसके परिणामस्वरूप कंपनियों ने गतिविधियों का विस्तार किया और रोजगार में भी बढ़ोतरी जारी रखी।

सर्वेक्षण के अनुसार हालांकि बाहरी मांग की वृद्धि 2025 के औसत से नीचे रही, लेकिन अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर में विस्तार मजबूत बना रहा। कंपनियों ने ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, हांगकांग, मलेशिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ब्रिटेन से मांग में बढ़त का हवाला दिया।

कीमतों के मोर्चे पर, सेवा क्षेत्र में कच्चे माल की लागत मई में भी औसत से अधिक दर से बढ़ती रही। प्रतिभागियों ने बताया कि उन्हें खाद्य, ईंधन, गैस, श्रम और सामग्री के लिए अप्रैल की तुलना में अधिक भुगतान करना पड़ा।

रोजगार के संदर्भ में, भारतीय सेवा कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या में और वृद्धि का संकेत दिया। रोजगार सृजन की कुल दर मजबूत रही और लगभग एक वर्ष में दूसरी सबसे तेज रही (अप्रैल के बाद), लेकिन सात प्रतिशत से कम प्रतिभागियों ने अधिक भर्ती का संकेत दिया, जबकि अधिकतर ने कर्मचारियों की संख्या में कोई बदलाव नहीं बताया।

आगामी 12 महीनों के व्यावसायिक परिदृश्य के संबंध में, सेवा क्षेत्र की कंपनियों को उम्मीद है कि मांग की स्थिति अनुकूल बनी रहेगी और उत्पादन को समर्थन देगी। हालांकि, समग्र विश्वास स्तर तीन महीने के निचले स्तर पर आ गया और ऐतिहासिक प्रवृत्ति से नीचे रहा।

इस बीच, एचएसबीसी इंडिया समग्र पीएमआई उत्पादन सूचकांक मार्च की सुस्ती से उबरते हुए अप्रैल के 58.2 से बढ़कर मई में 59.3 पर पहुंच गया।

समग्र पीएमआई सूचकांक, तुलनीय विनिर्माण एवं सेवा पीएमआई सूचकांकों का भारित औसत है। भार, आधिकारिक जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) आंकड़ों के अनुसार विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों के सापेक्ष आकार को दर्शाता है। निजी क्षेत्र की कंपनियों के साथ नए ऑर्डर छह महीने में सबसे तेज गति से बढ़े, जबकि समग्र बिक्री कीमतों में वृद्धि जनवरी के बाद सबसे धीमी रही। एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई को एसएंडपी ग्लोबल द्वारा सेवा क्षेत्र की करीब 400 कंपनियों से प्राप्त प्रश्नावली के जवाबों के आधार पर तैयार किया जाता है।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा


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