नई पीढ़ी के विमानों का आकलन कर 2030 में अगले ऑर्डर पर फैसला करेगी इंडिगो: भाटिया

नई पीढ़ी के विमानों का आकलन कर 2030 में अगले ऑर्डर पर फैसला करेगी इंडिगो: भाटिया

नई पीढ़ी के विमानों का आकलन कर 2030 में अगले ऑर्डर पर फैसला करेगी इंडिगो: भाटिया
Modified Date: July 31, 2026 / 01:26 pm IST
Published Date: July 31, 2026 1:26 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, 31 जुलाई (भाषा) देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो के प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया ने कहा कि कंपनी नई पीढ़ी के विमानों के विकास का आकलन करने के बाद वर्ष 2030 में अपने नए विमानों के ऑर्डर पर फैसला करेगी। इंडिगो नई प्रौद्योगिकी को शुरुआती दौर में अपनाने वाली कंपनियों में शामिल होना चाहती है।

अगले महीने परिचालन के 20 वर्ष पूरे करने जा रही विमानन कंपनी ने 2006 में एक ही प्रकार के विमान के साथ सेवाएं शुरू की थीं। अब उसके बेड़े में 440 से अधिक विमान हैं और वह 140 से अधिक गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित करती है। एयरबस ए350-900 सहित उसने 900 से अधिक विमानों का ऑर्डर दिया है जिनकी आपूर्ति 2035 तक होनी है।

भाटिया ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ बातचीत में कहा, ‘‘ अभी हमने इसलिए थोड़ा इंतजार करने का फैसला किया है क्योंकि हम देखना चाहते हैं कि नई पीढ़ी के विमान कब और किसके द्वारा पेश किए जाते हैं। जब भी यह नई प्रौद्योगिकी आएगी, वही हमारे लिए अगला बड़ा अवसर होगा ….’’

नई पीढ़ी के विमानों से आशय आमतौर पर ऐसे विमानों से है, जिनमें उन्नत प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल हो और जिनसे कम उत्सर्जन होता हो।

इंडिगो ने ए350-900 विमानों का अपना ऑर्डर बढ़ाकर 60 कर दिया है। इसके अलावा उसके पास 40 और विमान खरीदने का विकल्प भी है। इन विमानों की आपूर्ति 2028 से शुरू होने की उम्मीद है, जिसके साथ कंपनी लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का विस्तार करेगी।

घरेलू विमानन बाजार में 66 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखने वाली इंडिगो के बेड़े में फिलहाल ए320 श्रृंखला के विमान, एटीआर टर्बोप्रॉप विमान और नॉर्वे की नॉर्स अटलांटिक से पट्टे पर लिए गए पांच बोइंग 787 ड्रीमलाइनर शामिल हैं।

भविष्य में विमानों के ऑर्डर के बारे में पूछे जाने पर भाटिया ने कहा, ‘‘ मेरा मानना है कि 2035 तक हमारी स्थिति काफी मजबूत है। आने वाले कुछ वर्षों में हालात कैसे बदलते हैं, यह देखेंगे।’’

इंडिगो के सह-संस्थापक भाटिया ने कहा कि कम लागत और टिकाऊ विकास कंपनी की विमान बेड़ा रणनीति के प्रमुख आधार बने रहेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘ नई प्रौद्योगिकी आने पर हम उसे अपनाने वाली शुरुआती कंपनियों में शामिल होना चाहते हैं। इससे हमारी लागत संरचना बेहतर होगी और हम पर्यावरण के लिहाज से अधिक अनुकूल विमानन कंपनी बन सकेंगे।’’

भाषा निहारिका

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