CG Arrears Payment Order Latest News: हरेली से पहले हो गई बल्ले-बल्ले…छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जारी किया एरियर भुगतान का आदेश, खाते में आएगी 32 महीने की रकम

CG Arrears Payment Order Latest News: हरेली से पहले हो गई बल्ले-बल्ले...छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जारी किया एरियर भुगतान का आदेश, खाते में आएगी 32 महीने की रकम

CG Arrears Payment Order Latest News: हरेली से पहले हो गई बल्ले-बल्ले…छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जारी किया एरियर भुगतान का आदेश, खाते में आएगी 32 महीने की रकम

CG Arrears Payment Order Latest News: हरेली से पहले हो गई बल्ले-बल्ले...छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जारी किया एरियर भुगतान का आदेश, खाते में आएगी 32 महीने की रकम / Image : AI Generated

Modified Date: July 31, 2026 / 01:05 pm IST
Published Date: July 31, 2026 1:04 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 32 महीने के एरियर के भुगतान का आदेश
  • राज्य सरकार का परिपत्र निरस्त
  • 120 दिनों के भीतर एरियर का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश

बिलासपुर: CG Arrears Payment Order Latest News छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के रिटायर्ड शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने एक जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 तक 32 महीने की पेंशन एरियर का भुगतान करने का निर्देश राज्य शासन को दिया है। हाईकोर्ट ने एक जनवरी 2006 से पहले सेवानिवृत्त पेंशनरों को वास्तविक वित्तीय लाभ, एक सितंबर 2008 से देने संबंधी शासन के परिपत्र को भेदभावपूर्ण मानते हुए निरस्त कर दिया है। हाईकोर्ट का ये फैसला रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए किसी सौगात से कम नहीं है। वो भी ऐसे समय में जब छत्तीसगढ़ में आगामी दिनों में कई त्योहार आने वाले हैं।

हाईकोर्ट ने दिया 32 महीने का एरियर भुगतान का आदेश

CG Arrears Payment Order Latest News दरअसल बस्तर निवासी 80 वर्षीय सेवानिवृत्त प्रधान पाठक ज्ञानदत्त मिश्रा ने राज्य शासन के परिपत्र को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश शासन को अपने-अपने हिस्से का वित्तीय दायित्व वहन करते हुए 120 दिनों के भीतर एरियर का भुगतान सुनिश्चित करने कहा है। याचिकाकर्ता ज्ञानदत्त मिश्रा अविभाजित मध्य प्रदेश के समय शिक्षा विभाग में नियुक्त हुए थे। राज्य पुनर्गठन के बाद उनको छत्तीसगढ़ कैडर मिला। 31 जुलाई 2003 को प्रधान पाठक के पद से सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद राज्य सरकार ने एक जनवरी 2006 से लागू छठवें वेतनमान के आधार पर पेंशन पुनरीक्षण नियम 2009 जारी किया। हालांकि 31 अगस्त 2009 के परिपत्र के जरिए एक जनवरी 2006 से पहले सेवानिवृत्त पेंशनरों को पुनरीक्षित पेंशन का वास्तविक वित्तीय लाभ एक सितंबर 2008 से देने का निर्णय लिया गया। इसके चलते 32 महीने का एरियर्स रोक दिया गया।

हाईकोर्ट ने कहा- पेंशनरों के बीच भेद करना उचित नहीं

याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता ने कहा कि केवल सेवानिवृत्ति की तारीख के आधार पर पेंशनरों को अलग-अलग वर्ग में बांटना संविधान के अनुच्छेद 14 के विपरीत है। हाईकोर्ट ने पूर्व के फैसलों और सुप्रीम कोर्ट के मामले का उल्लेख करते हुए इस तर्क को स्वीकार किया। कोर्ट ने कहा कि महंगाई का प्रभाव सभी पेंशनरों पर समान रूप से पड़ता है। इसलिए कटऑफ तारीख के आधार पर पूर्व और बाद में पेंशनरों के बीच भेद करना उचित नहीं है।

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