शह मात The Big Debate: NEET बनाम CGPSC.. ‘पेपर लीक’ पर भारी पॉलिटिक्स! 2028 के पहले युवा वोटर्स को साधने की तैयारी, क्या इस पॉलिटिक्स के प्रभावित होंगे GEN-Z?

NEET बनाम CGPSC.. 'पेपर लीक' पर भारी पॉलिटिक्स! 2028 के पहले युवा वोटर्स को साधने की तैयारी, NEET vs CGPSC: Politics heats up in Chhattisgarh

शह मात The Big Debate: NEET बनाम CGPSC.. ‘पेपर लीक’ पर भारी पॉलिटिक्स! 2028 के पहले युवा वोटर्स को साधने की तैयारी, क्या इस पॉलिटिक्स के प्रभावित होंगे GEN-Z?
Modified Date: July 31, 2026 / 12:05 am IST
Published Date: July 30, 2026 11:53 pm IST

रायपुरः NEET vs CGPSC बीते शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद से सियासी तौर पर पूरे देश में GEN-Z का साथ निभाने की होड़ सी मची हुई है। बीजेपी हो या कांग्रेस दोनों ही पूरी ताकत से ये जताने की की कोशिश में हैं कि वो GEN-Z के साथ रहे हैं। उनके संघर्षों में साथी रहे हैं। इस सियासी होड़ से छत्तीसगढ़ का पक्ष-विपक्ष भी अछूता नहीं है।

NEET vs CGPSC स्क्रीन पर दिख रहे ये दोनो पोस्टर प्रदेश पॉलिटिक्स में जेन-जी पर खुले नए अखाड़े की एक और बानगी है। जब छत्तीसगढ़ बीजेपी ने ये जताने की कोशिश की वो असल में जेन-जी यानि युवाओं के साथ है। छत्तीसगढ़ बीजेपी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्टर पोस्ट करते हुए दावा किया कि कैसे बीजेपी सरकार असल में उन बच्चों के साथ है जो NEET पेपरलीक पर सड़क पर उतरे थे तो विपक्षी दल कांग्रेस ने प्रदेश सरकार की पहचान सुशासन पर तंज कसा। एक पोस्टर जारी कर गांधी जी के तीन बंदर वाला कार्टून पोस्ट किया, जिस पर लिखा कि लगता है “मौन ही सुशासन है”, यही बीजेपी सरकार का नया मॉडल है। पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ में अराजकता का माहौल है लेकिन सरकार को ना कुछ दिख रहा है, ना वो कुछ सुन पा रहे हैं ना ही कुछ बोलने की स्थिति में है। आरोप का जवाब दिया कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा चौतरफा विकास और जनता की खुशी को कांग्रेस बर्दाश्त नहीं कर पा रही है।

साफ है कि जेन जी के संघर्ष और आंदोलन की कामयाबी के बाद पक्ष-विपक्ष समझ चुके हैं कि युवाओं की नाराजगी किस हद तक भारी पड़ सकती है। ये भी लाजिमी है कि इस आंदोलन, मांग पूर्ति और विपक्ष के चौतरफा दबाव के बाद ये बताना होगा कि आंदोलन के बाद सिस्टम सुधार के लिए जमीन पर असल में क्या बदला जा रहा है। सवाल ये है कि क्या देश में धारदार आंदोलन करने वाला सजग-समझदार जेन-जी इस पोस्टर पॉलिटिक्स के प्रभावित होगा?


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।