नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि भारतीय उद्योग जगत को उन मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का लाभ उठाने और उनका उपयोग करने की आवश्यकता है, जिन्हें भारत अंतिम रूप दे रहा है। उन्होंने कहा कि ये समझौते व्यापार और निवेश, दोनों के लिए बड़े अवसर प्रदान करते हैं।
सचिव ने कहा कि एफटीए का पूरी तरह से उपयोग करने और लाभ उठाने का देश का पिछला रिकॉर्ड ”बहुत अच्छा नहीं” रहा है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि देश की औद्योगिक नीति को उसकी व्यापार नीति का पूरक होना चाहिए, क्योंकि व्यापार इस बात पर भी निर्भर करता है कि भारत कैसे निवेश और उत्पादन करता है।
मुक्त व्यापार समझौतों पर एक सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘एफटीए के उपयोग पर हमसे बार-बार सवाल पूछे जाते हैं। वास्तव में एफटीए से क्या लाभ मिल रहा है?’’
भारत ने सिंगापुर, जापान, दक्षिण कोरिया और आसियान सहित कई देशों और समूहों के साथ व्यापार समझौते किए हैं। अग्रवाल ने कहा कि इन समझौतों से द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि हुई है, लेकिन भारत का निर्यात, आयात की तुलना में धीमी गति से बढ़ा है।
मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय संघ (ईयू), ब्रिटेन, ईएफटीए, न्यूजीलैंड और ओमान के साथ व्यापार समझौतों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि ये आधुनिक समझौते हैं और केवल शुल्क तक सीमित नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि उद्योग और सरकार सहित सभी हितधारकों को इन समझौतों को देश के लिए उपयोगी बनाने को कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इन एफटीए के उपयोग को बढ़ाने के लिए सूचनाओं का प्रसार और क्षमता निर्माण महत्वपूर्ण है।
भाषा पाण्डेय अजय
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