MP High Court on RTO Checkpost: RTO चेकपोस्ट फिर से शुरू करने को लेकर हाईकोर्ट ने लिया बड़ा फैसला, मोदी सरकार ने लगाई थी रोक, जानिए फिर खुलेंगे या होंगे बंद?

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RTO चेकपोस्ट फिर से शुरू करने को लेकर हाईकोर्ट ने लिया बड़ा फैसला, मोदी सरकार ने लगाई थी रोक, MP High Court on RTO Checkpost

  • Reported By: Vijendra Pandey

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  • Publish Date - May 11, 2026 / 04:17 PM IST,
    Updated On - May 11, 2026 / 04:22 PM IST
HIGHLIGHTS
  • मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने RTO चेकपोस्ट दोबारा शुरू करने पर लगाई रोक
  • कोर्ट ने कहा- नई तकनीक के दौर में भौतिक चेकपोस्ट की जरूरत कम
  • ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन ने फैसले को बताया भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी जीत

जबलपुर। MP High Court on RTO Checkpost: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश में आरटीओ चेकपोस्ट दोबारा शुरू करने के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने यह आदेश ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की ओर से दायर रिव्यू पिटीशन पर सुनवाई करते हुए दिया। अदालत ने अपने आदेश में माना कि केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत देशभर में चेकपोस्ट बंद किए गए थे। केंद्र का उद्देश्य राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजमार्गों पर माल परिवहन को निर्बाध बनाना और अनावश्यक बाधाओं को समाप्त करना था। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में हाईवे पर निगरानी और जांच के लिए नई तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, ऐसे में भौतिक चेकपोस्ट की आवश्यकता नहीं रह गई है। अदालत ने माना कि आधुनिक तकनीकी व्यवस्था के जरिए वाहनों की निगरानी और दस्तावेजों की जांच प्रभावी तरीके से की जा सकती है।

कब बंद किए गए थे अंतरराज्यीय चेक पोस्ट? (MP High Court on RTO Checkpost)

दरअसल, 1 जुलाई 2024 से प्रदेश के अंतरराज्यीय चेक पोस्ट बंद कर दिए गए थे। सरकार का तर्क था कि इससे परिवहन क्षेत्र को सुविधा मिलेगी और अनावश्यक चेकिंग से बचत होगी। इस फैसले पर बाद में बड़े सवाल खड़े हुए थे और सड़कों पर निगरानी रखने जैसे सवाल सामने आए। रजनीश त्रिपाठी नाम के एक शख्स ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। उनकी तरफ से बताया गया कि चेक पोस्ट बंद होने से ओवरलोडिंग और नियमों के उल्लंघन के मामले बढ़े हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ गया है.16 अप्रैल को इसी मामले में कोर्ट ने 30 दिन के भीतर चेकपोस्टों को खोलने का आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश को लेकर ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने रिव्यू याचिका दायर की थी। कोर्ट में इस याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

ट्रांसपोर्टर्स संगठनों ने खुशी जताई

इस फैसले के बाद ट्रांसपोर्टर्स संगठनों ने खुशी जताई है। ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन ने इसे न्याय की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि आरटीओ चेकपोस्ट दोबारा शुरू नहीं होने से परिवहन कारोबार में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि चेकपोस्ट के कारण परिवहन व्यवसायियों और वाहन चालकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। वहीं, अब हाईकोर्ट के आदेश से प्रदेश में माल परिवहन व्यवस्था और अधिक सुगम होने की उम्मीद है।

मध्यप्रदेश में RTO चेकपोस्ट क्यों बंद किए गए थे?

केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद निर्बाध परिवहन और अनावश्यक जांच से बचाने के उद्देश्य से 1 जुलाई 2024 से अंतरराज्यीय चेकपोस्ट बंद किए गए थे।

हाईकोर्ट ने चेकपोस्ट दोबारा शुरू करने पर रोक क्यों लगाई?

हाईकोर्ट ने माना कि आधुनिक तकनीक के जरिए वाहनों की निगरानी संभव है, इसलिए फिलहाल भौतिक चेकपोस्ट की आवश्यकता नहीं है।

चेकपोस्ट बंद होने पर किसने आपत्ति जताई थी?

रजनीश त्रिपाठी नामक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि चेकपोस्ट बंद होने से ओवरलोडिंग और नियम उल्लंघन के मामले बढ़ रहे हैं।

ट्रांसपोर्टर्स इस फैसले से खुश क्यों हैं?

ट्रांसपोर्टर्स संगठनों का कहना है कि चेकपोस्ट से भ्रष्टाचार और अनावश्यक परेशानियां बढ़ती थीं। फैसले से परिवहन व्यवस्था अधिक आसान होगी।

क्या भविष्य में MP में RTO चेकपोस्ट फिर शुरू हो सकते हैं?

मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। आगे की सुनवाई और कोर्ट के अंतिम आदेश के आधार पर फैसला तय होगा।