कामकाजी महिलाओं के लिए सहयोगी परिवेश बनाने की सामूहिक पहल करे उद्योग जगत: मुकेश अंबानी

कामकाजी महिलाओं के लिए सहयोगी परिवेश बनाने की सामूहिक पहल करे उद्योग जगत: मुकेश अंबानी

कामकाजी महिलाओं के लिए सहयोगी परिवेश बनाने की सामूहिक पहल करे उद्योग जगत: मुकेश अंबानी
Modified Date: September 10, 2026 / 10:15 pm IST
Published Date: September 10, 2026 10:15 pm IST

मुंबई, 10 सितंबर (भाषा) रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने बृहस्पतिवार को उद्योग जगत से कामकाजी महिलाओं और कामकाजी माताओं को सहयोग देने वाले परिवेश को सामूहिक रूप से मजबूत करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि महिलाएं अब केवल प्रगति की लाभार्थी न होकर इसकी सूत्रधार बन चुकी हैं और दुनिया भर में जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व कर रही हैं।

अंबानी ने भारतीय स्टेट बैंक की पूर्व चेयरपर्सन और सेल्सफोर्स की दक्षिण एशिया अध्यक्ष एवं सीईओ अरुंधति भट्टाचार्य के संस्मरण ‘इंडॉमिटेबल: ए वर्किंग वुमन्स नोट्स ऑन वर्क, लाइफ एंड लीडरशिप’ के हिंदी संस्करण के विमोचन कार्यक्रम में यह बात कही।

उन्होंने कहा, ‘‘जब देश की महिलाएं अजेय बनती हैं, तो भारत अजेय बनता है और अरुंधति भट्टाचार्य का जीवन इस विश्वास को एक मानवीय चेहरा देता है।’’

अंबानी ने कहा कि तमाम मुश्किलों के बावजूद भट्टाचार्य की उपलब्धियां दुनियाभर की कामकाजी माताओं के लिए प्रेरणा हैं। साथ ही, यह भारतीय कॉरपोरेट जगत को याद दिलाता है कि महिलाओं को उनका उचित स्थान और अवसर सुनिश्चित करने के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज प्रमुख ने कहा, ‘‘इसलिए मैं आज अपने सभी साथी कारोबारी दिग्गजों से अपील करना चाहता हूं कि हम सब मिलकर भारतीय कॉरपोरेट जगत में कामकाजी महिलाओं और कामकाजी माताओं को सहयोग देने वाले परिवेश को मजबूत करने के लिए एक प्रभावी पहल शुरू करें।’’

अंबानी ने भट्टाचार्य और उनके जैसी अन्य सफल महिलाओं से इस पहल का मार्गदर्शन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रिलायंस फाउंडेशन अन्य संगठनों के साथ मिलकर इसमें पूरी तरह भाग लेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘आप नेतृत्व करें, हम आपका अनुसरण करेंगे।’’

अंबानी ने कहा कि देश की महिलाओं को विकसित भारत के नए निर्माण में नेतृत्व करने और उसे आगे बढ़ाने के लिए सशक्त बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उनका हमेशा से विश्वास रहा है कि ‘स्त्री शक्ति भारत की शक्ति है’ और भारत अब निर्णायक रूप से ‘महिला विकास’ से ‘महिला नेतृत्व वाले विकास’ की ओर बढ़ रहा है।

अंबानी ने कहा, ‘‘महिलाएं अब केवल प्रगति की लाभार्थी नहीं हैं। वे इसकी सूत्रधार हैं और कारोबार, विज्ञान, खेल, सशस्त्र बलों तथा दुनिया भर के समुदायों में नेतृत्व कर रही हैं। मैंने यह शक्ति अपनी मां कोकिलाबेन अंबानी में देखी है।’’

उन्होंने भट्टाचार्य को ‘समस्या का समाधान निकालने वाली’ बताते हुए कहा कि वह एक रणनीतिक विचारक हैं, जो वर्तमान और भविष्य को स्पष्ट रूप से समझती हैं।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय


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