आईएनएस ने घरेलू अखबारी कागज की गुणवत्ता, मानकों पर चिंता व्यक्त की

आईएनएस ने घरेलू अखबारी कागज की गुणवत्ता, मानकों पर चिंता व्यक्त की

आईएनएस ने घरेलू अखबारी कागज की गुणवत्ता, मानकों पर चिंता व्यक्त की
Modified Date: March 10, 2026 / 05:04 pm IST
Published Date: March 10, 2026 5:04 pm IST

नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी (आईएनएस) ने मंगलवार को घरेलू अखबारी कागज की गुणवत्ता और मानकों को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक देश में अखबारी कागज के उत्पादन की क्षमता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं हो जाती, तब तक भारत में अख़बारों के समय पर और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए कागज के आयात की जरूरत बनी रहेगी।

आईएनएस के अध्यक्ष विवेक गुप्ता ने बताया कि उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग की 2024-25 की रिपोर्ट के अनुसार, देश में 123 अखबारी कागज मिलें हैं, जिनकी स्थापित क्षमता लगभग 22 लाख टन प्रति वर्ष है। लेकिन वास्तविक उत्पादन आंकड़े इस दावे से काफी कम हैं, जिससे घरेलू उपलब्धता पर्याप्त नहीं दिखाई देती। इसके अलावा कागज की गुणवत्ता भी प्रकाशकों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

आईएनएस ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने दिसंबर, 2022 में प्रकाशित अखबारी कागज विनिर्देश (दूसरा संशोधन) के तहत अखबारी कागज को ग्रेड एक और ग्रेड दो में वर्गीकृत किया है। दोनों ग्रेड बीआईएस मानक के अनुरूप हैं, लेकिन तकनीकी दृष्टि से समान नहीं हैं। ग्रेड दो की गुणवत्ता ग्रेड एक की तुलना में काफी कमतर है।

भाषा योगेश अजय

अजय


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