दिवाला अपीलों की समयसीमा तय, 45 दिन से अधिक की कोई छूट नहीं: एनसीएलएटी
दिवाला अपीलों की समयसीमा तय, 45 दिन से अधिक की कोई छूट नहीं: एनसीएलएटी
नयी दिल्ली, 15 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने दोहराया है कि दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत कार्यवाही समयबद्ध होती है और राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के आदेश के खिलाफ अपील आदेश जारी होने के 30 दिन के भीतर ही दायर की जानी चाहिए।
विघ्नेश्वरा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ दिवाला कार्यवाही बहाल करने के निर्णय के खिलाफ कंपनी के निलंबित निदेशक की अपील खारिज करते हुए दो सदस्यीय पीठ ने कहा कि एनसीएलएटी कुछ मामलों में 30 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद अगले 15 दिन के भीतर अपील दायर करने की अनुमति दे सकता है, लेकिन इसके बाद बिल्कुल नहीं।
न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा और अरुण बरोका की पीठ ने स्पष्ट किया कि एनसीएलएटी को ”संतुष्ट होना चाहिए कि अपील दायर नहीं करने के पर्याप्त आधार थे”, लेकिन ऐसी छूट की अवधि 15 दिन से अधिक नहीं होगी।
पीठ ने कहा कि विघ्नेश्वरा डेवलपर्स के निलंबित निदेशक सुनील कुमार दहिया द्वारा देरी के लिए दिया गया स्पष्टीकरण ”पर्याप्त कारण नहीं” था और उनके तर्क तथ्यात्मक रूप से गलत थे जिन्होंने न्यायाधिकरण को गुमराह किया।
नयी दिल्ली स्थित एनसीएलटी की प्रधान पीठ ने 21 मई, 2026 को विघ्नेश्वरा डेवलपर्स के खिलाफ कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) बहाल करने का आदेश पारित किया था।
भाषा पाण्डेय अजय
अजय

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