ओरेकल की छंटनी ने पीड़ित परिवारों की चिंता और अनिश्चितता को किया उजागर

ओरेकल की छंटनी ने पीड़ित परिवारों की चिंता और अनिश्चितता को किया उजागर

ओरेकल की छंटनी ने पीड़ित परिवारों की चिंता और अनिश्चितता को किया उजागर
Modified Date: September 15, 2026 / 09:50 pm IST
Published Date: September 15, 2026 9:50 pm IST

नयी दिल्ली, 15 सितंबर (भाषा) प्रौद्योगिकी कंपनी ओरेकल में छंटनी के ताजा दौर ने उन परिवारों की चिंता और अनिश्चितता को भी सामने ला दिया है जिनके लिए अचानक नौकरी जाना केवल रोजगार खत्म होना नहीं, बल्कि आर्थिक सुरक्षा और भविष्य की योजनाओं पर अनिश्चितता पैदा होना है।

ओरेकल में 12 साल तक कार्यरत रहे सौरभ साहू की पत्नी पूजा ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में छंटनी से उपजी पीड़ा साझा की है। उन्होंने कहा कि उनके पति ने होली और दिवाली, जन्मदिन तथा वैवाहिक वर्षगांठ जैसे मौकों पर भी काम किया।

पूजा ने बताया कि सौरभ छुट्टियों में भी काम के लिए उपलब्ध रहते थे और पत्नी की सर्जरी के दौरान अस्पताल से भी काम कर रहे थे। इसके बावजूद हालिया छंटनी में उनकी नौकरी चली गई।

पूजा के मुताबिक, उनके पति को नौकरी से हटाए जाने के बारे में उस समय पता चला जब वह अपने सिस्टम में लॉगिन नहीं कर सके।

ओरेकल में छंटनी के ताजा दौर के बाद सोशल मीडिया पर इस तरह की कई पोस्ट सामने आई हैं जिनमें प्रभावित कर्मचारियों, उनके परिवारों और मित्रों ने अचानक नौकरी जाने के अनुभव साझा किए हैं। कुछ ने नए रोजगार के लिए मदद मांगी है, जबकि कुछ ने वर्षों का करियर अचानक खत्म हो जाने की निराशा और आगे की अनिश्चितता के बारे में लिखा है।

हालांकि, संबंधित व्यक्तियों से तत्काल संपर्क नहीं हो सका और परिवार के सदस्यों तथा मित्रों द्वारा किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी।

अमेरिकी कंपनी ओरेकल ने 14 सितंबर से छंटनी का नया दौर शुरू किया है। प्रभावित कर्मचारियों की कुल संख्या अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ कर्मचारियों को उसी दिन ईमेल के जरिये बताया गया कि उनका पद समाप्त किया जा रहा है।

यह छंटनी एआई और क्लाउड बुनियादी ढांचे में भारी निवेश कर रही कंपनी के व्यापक पुनर्गठन का हिस्सा है। ओरेकल का वैश्विक कार्यबल वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 21,000 यानी 13 प्रतिशत घटा था। कंपनी ने पिछले सप्ताह पुनर्गठन कार्यक्रम की अनुमानित लागत 70 करोड़ डॉलर बढ़ाकर करीब 2.8 अरब डॉलर कर दी। इसमें नौकरी में कटौती और अनुबंध समाप्त करने से जुड़ी लागत शामिल है।

छंटनी के ताजा दौर में दुनियाभर में कितने कर्मचारी प्रभावित हुए हैं, इसकी जानकारी नहीं दी गई है। जानकारों को आशंका है कि इस नए दौर का भारत पर बड़ा असर पड़ सकता है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में इससे हजारों कर्मचारियों के प्रभावित होने का अनुमान लगाया गया है।

इस संबंध में टिप्पणी के लिए ओरेकल को भेजे गए ईमेल का तत्काल कोई जवाब नहीं मिला।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय


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