नयी दिल्ली, 18 मई (भाषा) भारत के होटल क्षेत्र में इस वर्ष जनवरी–मार्च तिमाही में निवेश 58 प्रतिशत बढ़कर 18.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर हो गया। यह होटल कारोबार की वृद्धि संभावनाओं को लेकर निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है। जेएलएल इंडिया ने यह जानकारी दी।
होटल उद्योग में पिछले वर्ष की समान अवधि में 11.7 करोड़ डॉलर का निवेश हुआ था।
रियल एस्टेट क्षेत्र की सलाहकार कंपनी जेएलएल इंडिया ने ‘होटल इन्वेस्टमेंट ट्रेंड्स इन इंडिया: 2025’ शीर्षक से रिपोर्ट सोमवार को जारी की।
इसमें कहा गया कि पिछले कैलेंडर वर्ष में निवेश 67 प्रतिशत बढ़कर 56.7 करोड़ डॉलर हो गया था और यह बढ़त जनवरी-मार्च तिमाही में भी जारी रही।
रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘ 2026 की पहली तिमाही (जनवरी–मार्च) में असाधारण लेनदेन गतिविधियां देखने को मिलीं, जिसे 2025 से जारी निवेश गति का समर्थन मिला। कुल लेनदेन मात्रा लगभग 18.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर रही जो 2025 की पहली तिमाही के लगभग 11.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर की तुलना में 58 प्रतिशत अधिक है।’’
जेएलएल ने उम्मीद जताई कि निवेश की यह गति आगे भी जारी रहेगी जिसे सूचीबद्ध होटल कंपनियों के पास उपलब्ध पर्याप्त नकदी और अतिरिक्त होटल संचालकों के पूंजी बाजार में प्रवेश से बल मिलेगा।
कैलेंडर वर्ष 2025 के संदर्भ में, जेएलएल ने बताया कि भारत के होटल उद्योग में निवेश गतिविधियां सालाना आधार पर 67 प्रतिशत बढ़ीं। कुल मिलाकर 28 सौदों के माध्यम से लगभग 56.7 करोड़ डॉलर का निवेश हुआ जो 2024 के लगभग 34 करोड़ डॉलर से काफी अधिक है।
भाषा निहारिका अजय
अजय