मुंबई, 18 मई (भाषा) भारत निर्वाचन आयोग ने सोमवार को घोषणा की कि महाराष्ट्र में स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्रों से विधान परिषद की 16 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव 18 जून को आयोजित किए जाएंगे।
निर्वाचन आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, नामांकन दाखिल करने के साथ ही चुनाव प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो जाएगी जिसके बाद 18 जून को मतदान होगा और 22 जून को मतगणना होगी।
नामांकन पत्रों की जांच दो जून को होगी और उम्मीदवार चार जून तक नामांकन पत्र वापस ले सकते हैं।
चुनाव वाले 16 स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्रों में सोलापुर, अहमदनगर, ठाणे, जलगांव, सांगली-सातारा, नांदेड़, यवतमाल, पुणे, भंडारा-गोंदिया, रायगढ़-रत्नागिरि-सिंधुदुर्ग, नासिक, वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली, अमरावती, उस्मानाबाद-लातूर-बीड़, परभणी-हिंगोली और औरंगाबाद-जालना शामिल हैं।
इनमें से कई सीट पर चुनाव मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 2022 में समाप्त होने के बाद से लंबित हैं। नगर निकाय चुनाव भी लंबित होने के कारण प्रक्रिया में देरी हुई।
जिन सदस्यों का कार्यकाल पहले समाप्त हो गया उनमें प्रशांत परिचारक (सोलापुर) और अरुणकाका जगताप शामिल हैं, जो जनवरी 2022 में एमएलसी के रूप में सेवानिवृत्त हुए थे और रविंद्र फाटक (ठाणे) जून 2022 में परिषद से सेवानिवृत्त हुए थे।
दिसंबर 2022 में परिषद के कई सदस्य सेवानिवृत्त हुए, जिनमें जलगांव से चंदूभाई पटेल, सांगली-सतारा से मोहनराव कदम, नांदेड़ से अमरनाथ राजुरकर, यवतमाल से दुष्यंत चतुर्वेदी, पुणे से अनिल भोसले और भंडारा-गोंदिया से परिणय फुके शामिल हैं।
अनिकेत तटकरे (रायगढ़-रत्नागिरि-सिंधुदुर्ग), नरेंद्र दराडे (नासिक), रामदास अंबतकर (वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली), प्रवीण पोटे (अमरावती), सुरेश धास (उस्मानाबाद-लातूर-बीड), और विप्लव बाजोरिया (परभणी-हिंगोली) जून 2024 में सेवानिवृत्त हुए जबकि अंबादास दानवे का कार्यकाल (औरंगाबाद-जालना) अगस्त 2025 में समाप्त हो गया।
निर्वाचन आयोग की अधिसूचना में कहा गया है कि किसी स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव तभी कराया जा सकता है, जब उस क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले कम से कम 75 प्रतिशत स्थानीय निकाय पूरी तरह कार्यरत हों और कम से कम 75 प्रतिशत मतदाता अपने पद पर मौजूद हों।
इसमें कहा गया है कि 78 सदस्यीय विधान परिषद की इन 16 सीटों को भरने के लिए द्विवार्षिक चुनाव उस समय मानदंडों की पूर्ति न होने के कारण आयोजित नहीं किए जा सके थे।
अधिसूचना में कहा गया, ‘‘ महाराष्ट्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सूचित किया है कि उक्त सभी निर्वाचन क्षेत्रों के संबंध में ये मानदंड पूरे हो चुके हैं। इसलिए, आयोग ने उपर्युक्त 16 स्थानीय प्राधिकरणों के निर्वाचन क्षेत्रों से महाराष्ट्र विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव कराने का निर्णय लिया है।
भाषा शोभना मनीषा नरेश
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