नयी दिल्ली, 18 मई (भाषा) भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) तीन महीने की अवधि के लिए अनुसूचित बैंकों से 50,000 करोड़ रुपये का अल्पकालिक ऋण जुटाने जा रहा है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
इसमें अतिरिक्त 25,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए ‘ग्रीन शू’ विकल्प भी शामिल है।
यह धनराशि खाद्यान्न की खरीद एवं वितरण से उत्पन्न नकदी प्रवाह असंतुलन को पाटने के लिए जुटाई जा रही है।
इस संबंध में जमा निविदाएं 22 मई को खोली जाएंगी।
अधिकारी ने बताया कि निविदा के तहत कुल उधारी किसी भी समय 75,000 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होगी।
यह अल्पकालिक ऋण बिना किसी प्रतिभूति के आधार पर लिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि खाद्य ऋण के लिए एफसीआई को उपलब्ध भारत सरकार की 6,000 करोड़ रुपये की गारंटी इन उधारियों पर लागू नहीं होगी।
निविदा की शर्तों के अनुसार, प्रस्ताव 31 अगस्त तक वैध रहने चाहिए और ऋण वितरण एफसीआई की परिचालन आवश्यकताओं के अनुसार चरणों में किया जाएगा।
एफसीआई राशन कार्ड धारकों और कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को खाद्यान्न की खरीद एवं वितरण से जुड़ी सरकार की नोडल एजेंसी है। एफसीआई अभी सक्रिय गेहूं खरीद सत्र आयोजन कर रही है।
चालू विपणन सत्र 2026-27 (मार्च–अप्रैल) में एफसीआई और राज्य एजेंसियों ने अब तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से कुल 2.297 करोड़ टन गेहूं की खरीद की है।
खरीद में पंजाब 1.051 करोड़ टन के साथ सबसे आगे है। इसके बाद सूची में मध्य प्रदेश (67.2 लाख टन), हरियाणा (25.8 लाख टन) और राजस्थान (17.7 लाख टन) का स्थान है।
सरकार ने 2026-27 के लिए गेहूं खरीद का लक्ष्य 3.449 करोड़ टन तय किया है।
भाषा निहारिका
निहारिका