ईरान युद्ध ने वैश्विक वृद्धि को किया धीमा, महंगाई बढ़ने की आशंका: मुद्राकोष

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ईरान युद्ध ने वैश्विक वृद्धि को किया धीमा, महंगाई बढ़ने की आशंका: मुद्राकोष

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  • Publish Date - April 14, 2026 / 07:21 PM IST,
    Updated On - April 14, 2026 / 07:21 PM IST

वाशिंगटन, 14 अप्रैल (एपी) अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने मंगलवार को कहा कि ईरान युद्ध ने इस वर्ष विश्व की आर्थिक गति को धीमा कर दिया है, जिससे 2025 की तुलना में वृद्धि दर में गिरावट आने की आशंका है।

आईएमएफ ने वैश्विक वृद्धि के अपने अनुमान को घटाकर 2026 के लिए 3.1 प्रतिशत कर दिया है, जबकि जनवरी में इसके 3.3 प्रतिशत रहने की संभावना जतायी गयी थी। यह 2025 में अनुमानित 3.4 प्रतिशत वृद्धि से धीमी होगी।

ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों, ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने और पड़ोसी देशों में तेल रिफाइनरियों और अन्य ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर जवाबी हमलों के कारण दुनिया भर में तेल एवं गैस की कीमतों में तेजी आई है।

इसके परिणामस्वरूप, आईएमएफ ने इस वर्ष वैश्विक मुद्रास्फीति के अपने अनुमान को बढ़ाकर 4.4 प्रतिशत कर दिया है, जबकि जनवरी में इसके 3.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। वहीं 2025 के लिए यह 4.1 प्रतिशत था।

युद्ध से पहले तक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संरक्षणवादी नीतियों के बावजूद विश्व अर्थव्यवस्था ने आश्चर्यजनक रूप से मजबूती दिखाई थी। इन नीतियों ने दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और कभी आयात के लिए लगभग पूरी तरह से खुला बाजार रहे अमेरिका के चारों ओर आयात कर की दीवार खड़ी कर दी थी।

लेकिन इससे नुकसान कम हुआ। इसका एक कारण यह भी था कि पिछले साल ट्रंप द्वारा घोषित शुल्क मूल रूप से कम थे।

डेटा केंद्रों और कृत्रिम मेधा में भारी निवेश के साथ प्रौद्योगिकी क्षेत्र में तेजी और बढ़ती उत्पादकता ने भी विश्व अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दिया।

आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री पियरे-ओलिवियर गौरिंचास ने मुद्राकोष के नवीनतम विश्व आर्थिक परिदृश्य के साथ ब्लॉग पोस्ट में लिखा, ‘‘पश्चिम एशिया में युद्ध ने इस गति को रोक दिया है।’’

गौरिंचास ने लिखा, ‘‘आईएमएफ का यह मानना था कि फारस की खाड़ी में संघर्ष अल्पकालिक होगा और इस वर्ष ऊर्जा की कीमतों में 19 प्रतिशत की हल्की वृद्धि होगी। स्थिति इससे कहीं अधिक खराब हो सकती है। एक ‘गंभीर परिदृश्य’ में, जिसमें ऊर्जा संकट अगले वर्ष तक जारी रहता है और केंद्रीय बैंकों को मुद्रास्फीति से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ता है, वैश्विक वृद्धि 2026 और 2027 में घटकर दो प्रतिशत हो सकती है।

उन्होंने कहा, ‘‘अस्थायी युद्धविराम की हाल की खबरों के बावजूद, कुछ नुकसान पहले ही हो चुका है और आगे के जोखिम अभी भी बहुत अधिक हैं।’’

आईएमएफ ने इस वर्ष अमेरिका की वृद्धि दर के अपने अनुमान को थोड़ा घटाकर 2.3 प्रतिशत कर दिया है। मुद्राकोष के अनुमान के अनुसार, यूरो मुद्रा साझा करने वाले 21 यूरोपीय देश इस वर्ष सामूहिक रूप से 1.1 प्रतिशत की वृद्धि हासिल करेंगे, जो 2025 के 1.4 प्रतिशत से कम है। यूरोप प्राकृतिक गैस की बढ़ती कीमतों से बुरी तरह प्रभावित है।

सबसे ज्यादा प्रभावित होने की संभावना उन कर्ज में डूबे गरीब देशों की है जो ऊर्जा आयात करते हैं और सरकारी खर्च और कर राहत बढ़ाकर अपनी अर्थव्यवस्थाओं को सहारा देने में असमर्थ हैं।

इस संघर्ष से उभरने वाले एक प्रमुख देश रूस है, जो ऊर्जा निर्यातक होने के नाते उच्च कीमतों से लाभान्वित होगा। 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद प्रतिबंधों से बुरी तरह प्रभावित रूसी अर्थव्यवस्था के लिए आईएमएफ ने अपने अनुमान को बढ़ाकर 1.1 प्रतिशत कर दिया है, जो अभी भी मामूली है।

एपी रमण अजय

अजय