आईआरएफसी का चालू वित्त वर्ष में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की कर्ज मंजूरी का लक्ष्य : सीएमडी

आईआरएफसी का चालू वित्त वर्ष में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की कर्ज मंजूरी का लक्ष्य : सीएमडी

आईआरएफसी का चालू वित्त वर्ष में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की कर्ज मंजूरी का लक्ष्य : सीएमडी
Modified Date: May 17, 2026 / 12:38 pm IST
Published Date: May 17, 2026 12:38 pm IST

नयी दिल्ली, 17 मई (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारतीय रेल वित्त निगम (आईआरएफसी) ने चालू वित्त वर्ष में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की ऋण की मंजूरी देने का लक्ष्य तय किया है। कंपनी ने अपने कारोबार के विस्तार के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में घरेलू और विदेशी बाजारों से कुल 70,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है।

आईआरएफसी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) मनोज कुमार दुबे ने पीटीआई-भाषा से कहा कि कंपनी चालू वित्त वर्ष में लगभग एक लाख करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत करने और करीब 40,000 करोड़ रुपये के वितरण का लक्ष्य लेकर चल रही है।

उन्होंने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की मजबूत पाइपलाइन के कारण कंपनी को आगे भी अच्छे अवसर मिल रहे हैं।

वित्त वर्ष 2025-26 में आईआरएफसी ने 72,949 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी थी और लगभग 35,067 करोड़ रुपये का वितरण किया, जो उसके वार्षिक अनुमान से अधिक रहा।

कंपनी को पिछले साल ‘नवरत्न’ का दर्जा मिला था। इसके बाद कंपनी के प्रबंधन के तहत कुल परिसंपत्तियां (एयूएम) बढ़कर रिकॉर्ड 4.85 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जबकि उसका नेटवर्थ भी बढ़कर 56,748 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया।

आईआरएफसी ने कहा कि विविधीकरण आधारित विस्तार रणनीति के कारण कंपनी के मार्जिन और आय में सुधार हुआ है तथा उसने अब तक शून्य एनपीए की स्थिति बनाए रखी है। कंपनी का शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) वित्त वर्ष 2025-26 में 1.5 प्रतिशत रहा, जिसे चालू वित्त वर्ष में बढ़ाकर 1.65 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

दुबे ने कहा कि आईआरएफसी अब केवल पारंपरिक रेलवे वित्तपोषक इकाई नहीं रह गई है, बल्कि यह रेलवे को केंद्र में रखते हुए एक विविधीकृत बुनियादी ढांचा वित्तपोषण संस्था के रूप में उभर रही है।

उन्होंने बताया कि भारतीय रेलवे ने 2023-24 के बाद से नए ऋण वितरण का उपयोग नहीं किया है। इसके बाद कंपनी ने बिजली उत्पादन, नवीकरणीय ऊर्जा, पारेषण, उर्वरक तथा रेलवे से जुड़े बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में विस्तार किया है।

बीते वित्त वर्ष में आईआरएफसी का शुद्ध लाभ बढ़कर रिकॉर्ड 7,009 करोड़ रुपये रहा, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 6,502 करोड़ रुपये था। इस तरह कंपनी के मुनाफे में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसी दौरान कंपनी की कुल परिसंपत्तियां पहली बार पांच लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गईं।

भाषा अजय अजय

अजय


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