तेल आपूर्ति की चिंताओं के बीच जापान का व्यापार मजबूत
तेल आपूर्ति की चिंताओं के बीच जापान का व्यापार मजबूत
तोक्यो, 21 मई (एपी) ईरान में युद्ध के कारण तेल और गैस आपूर्ति को लेकर चिंताओं के बावजूद जापान का व्यापार अप्रैल में मजबूत बना रहा।
वित्त मंत्रालय की ओर से बृहस्पतिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में निर्यात सालाना आधार पर 14.8 प्रतिशत बढ़ा। निर्यात उम्मीद से अधिक मजबूत रहा और लगातार आठवें महीने इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई। सेमीकंडक्टर क्षेत्र का इसमें अहम योगदान रहा जिसका निर्यात करीब 42 प्रतिशत बढ़ा।
आयात में भी पिछले वर्ष की तुलना में 9.7 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की गई।
व्यापार संतुलन पिछले वर्ष के इसी महीने के घाटे से 301.9 अरब येन (1.9 अरब अमेरिकी डॉलर) के अधिशेष में तब्दील हो गया।
अप्रैल में चिकित्सकीय उत्पादों, कागज उत्पादों और विद्युत मशीनरी के अधिक निर्यात ने भी बेहतर प्रदर्शन में योगदान दिया।
आंकड़ों के अनुसार, चीन को निर्यात 15.5 प्रतिशत और अमेरिका को 9.5 प्रतिशत बढ़ा। वहीं, चीन से आयात 15 प्रतिशत और अमेरिका से आयात 23 प्रतिशत बढ़ा।
कुल आयात बढ़ा, हालांकि मूल्य के लिहाज से जापान का तेल आयात करीब 50 प्रतिशत घटा है। तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का आयात 20 प्रतिशत कम हुआ। ईरान में युद्ध के कारण फारस की खाड़ी से निर्यात का मुख्य मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में अवरुद्ध से आपूर्ति प्रभावित हुई है।
जापान अपनी लगभग पूरी तेल जरूरत आयात से पूरी करता है और प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने कम आपूर्ति की भरपाई के लिए राष्ट्रीय तेल भंडार का कुछ हिस्सा जारी करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, कमी के कारण कीमतें बढ़ गई हैं और नेफ्था जैसे तेल आधारित उत्पादों के उत्पादन पर भी असर पड़ा है।
ईरान में युद्ध से पहले ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल थी जो बढ़कर 100 डॉलर से ऊपर पहुंच गई है। कमजोर येन के कारण डॉलर में होने वाला तेल आयात जापान के लिए और महंगा हो गया है।
एपी निहारिका
निहारिका

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