शह मात The Big Debate: तबादलों को ग्रीन सिग्नल..विपक्ष का पुराना राग! विपक्ष ने सरकार पर दागे सवाल, ट्रांसफर की प्रक्रिया को क्यों कहा जाता है उद्योग?

MP Transfer Policy 2026 News: मोहन कैबिनेट ने बुधवार को Transfer policy 2026 को हरी झंडी दिखा दी है। 1 जून से 15 जून तक ट्रांसफर होेंगे।

शह मात The Big Debate: तबादलों को ग्रीन सिग्नल..विपक्ष का पुराना राग! विपक्ष ने सरकार पर दागे सवाल, ट्रांसफर की प्रक्रिया को क्यों कहा जाता है उद्योग?

MP Transfer Policy 2026 News/Image Credit: AI

Modified Date: May 20, 2026 / 11:48 pm IST
Published Date: May 20, 2026 11:47 pm IST
HIGHLIGHTS
  • मोहन कैबिनेट ने बुधवार को Transfer policy 2026 को हरी झंडी दिखा दी है।
  • प्रदेश में राज्य और जिला स्तर पर कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले हो सकेंगे।
  • 1 जून से 15 जून तक ट्रांसफर होेंगे।

MP Transfer Policy 2026 News: भोपाल: मध्य प्रदेश की मोहन कैबिनेट ने बुधवार को Transfer policy 2026 को हरी झंडी दिखा दी है। यानी अब प्रदेश में राज्य और जिला स्तर पर कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले हो सकेंगे। 1 जून से 15 जून तक ट्रांसफर होेंगे। मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा, राज्य प्रशासनिक सेवा, राज्य पुलिस सेवा, राज्य वन सेवा और मंत्रालय को छोड़कर बाकी सारे तबादले विभागीय मंत्री या प्रभारी मंत्री कर सकेंगे, तो वहीं ट्रांसफर पॉलिसी में कुछ शर्तें भी जोड़ी गई हैं। जिन अधिकारी और कर्मचारियों पर मुकदमे चल रहे हैं और जिनकी जांच चल रही हैं..साथ ही जो किसी वज़ह से ट्रांसफर के पात्र नहीं हैं उनके ट्रांसफर नहीं होंगे।

सरकार ने तबादले को ग्रीन सिग्नल दिखाया तो सूबे में सियासत भी तेज हो गई। (MP Transfer Policy News) कांग्रेस ने कहा कि- क्या सीएम मोहन ये गारंटी देंगे कि- बिना पैसों के लेन-देने के ट्रांसफर होंगे। जिसका पलटवार करते हुए बीजेपी ने कहा कि- हमारी सरकार कर्मचारी हित का ध्यान रखती है। कांग्रेस की कमलनाथ सरकार में पैसा दो और आर्डर लो का नारा चलता था।

MP Transfer Policy 2026 News: सही है कि हर साल इस अवधि के लिए ट्रांसफर से बैन हटता ही है, लेकिन ये भी उतना ही सही है कि- ट्रांसफर को लेकर विभागीय और प्रभारी मंत्रियों पर आरोप भी लगते हैं, लेकिन सवाल ये है कि क्या ट्रांसफर मंत्रियों को उनके रुतबे और ओहदे का इत्मीनान दिलाने के लिए किया जाता है। (MP Transfer Policy News) सवाल ये कि- क्या मंत्रियों से तबादलों में पारदर्शिता की कोई उम्मीद की जा सकती है? और सबसे बड़ा सवाल ये कि बिना पहुंच वाला जरूरतमंद सरकारी कर्मचारी क्या सिर्फ आवेदन देकर अपना ट्रांसफर करवा सकता है?

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