आभूषण विक्रेता अब स्वर्ण कर्ज का कुछ हिस्सा सोने के रूप में लौटा सकते हैं

आभूषण विक्रेता अब स्वर्ण कर्ज का कुछ हिस्सा सोने के रूप में लौटा सकते हैं

आभूषण विक्रेता अब स्वर्ण कर्ज का कुछ हिस्सा सोने के रूप में लौटा सकते हैं
Modified Date: November 29, 2022 / 08:14 pm IST
Published Date: June 23, 2021 6:33 pm IST

मुंबई, 23 जून (भाषा) रिजर्व बैंक ने बुधवार को बैंकों से कहा कि वह आभूषण निर्यातकों और घरेलू स्वर्ण आभूषण विनिर्माताओं को स्वर्ण (धातु) रिण (जीएमएल) का कुछ हिस्सा सोने के रूप में लौटाने का विकल्प उपलब्ध करायें।

जीएमएल का भुगतान भारतीय रुपये में उधार लिये गये सोने के मूलय के बराबर राशि पर किया जाता है। रिजर्व बैंक ने अब इन नियमों की समीक्षा की है।

रिजर्व बैंक के सर्कुलर के मुताबिक, ‘‘बैंकों को स्वर्ण रिण का कुछ हिस्सा एक किलो अथवा इससे अधिक सोने के रूप में लौटाने का विकल्प लेनदारों को देना चाहिये।’’ हालांकि, इसमें कुछ शर्तें होंगी।

मौजूदा निर्देशों के मुताबिक सोने का आयात करने के लिये प्राधिकृत बैंक और स्वर्ण मौद्रीकरण योजना 2015 (जीएमएस) में भागीदारी करने वाले प्राधिकृत बैंक आभूषण निर्यातकों और स्वर्णाभूषणों के घरेलू विनिर्माताओं को जीएमएल उपलब्ध करा सकते हैं।

भाषा

महाबीर मनोहर

मनोहर


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