झुनझुनवाला का रिलायंस समूह के साथ 2019 से ही कोई संबंध नहींः रिलायंस पावर

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झुनझुनवाला का रिलायंस समूह के साथ 2019 से ही कोई संबंध नहींः रिलायंस पावर

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  • Publish Date - April 16, 2026 / 03:25 PM IST,
    Updated On - April 16, 2026 / 03:25 PM IST

नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) रिलायंस ग्रुप के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी अमिताभ झुनझुनवाला को धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के एक दिन बाद रिलायंस पावर ने बृहस्पतिवार को कहा कि झुनझुनवाला का वर्ष 2019 के बाद से ही समूह के साथ कोई संबंध नहीं है।

अनिल अंबानी की अगुवाई वाले समूह की कंपनी ने एक बयान में कहा कि झुनझुनवाला सितंबर, 2019 में ही समूह से अलग हो गए थे और उसके बाद से उनका समूह की किसी भी कंपनी से कोई जुड़ाव नहीं रहा है।

यह जांच कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़ी है, जिसमें रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) जैसी कंपनियों के जरिये फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल कर गड़बड़ी किए जाने का आरोप है। ईडी का धनशोधन मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की तरफ से दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है।

झुनझुनवाला मार्च, 2003 से लेकर सितंबर, 2019 तक रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के निदेशक रहे थे, जो आरएचएफएल और आरसीएफएल की होल्डिंग कंपनी है।

इस मामले में ईडी ने समूह के एक अन्य पूर्व वरिष्ठ अधिकारी अमित बापना को भी गिरफ्तार किया है।

कंपनी के अनुसार, बापना ने भी दिसंबर, 2019 में समूह छोड़ दिया था और उसके बाद से उनका रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रिलायंस पावर सहित किसी भी कंपनी से कोई संबंध नहीं रहा है। वह रिलायंस कैपिटल के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) और रिलायंस होम फाइनेंस के निदेशक रह चुके हैं।

कंपनी ने कहा कि रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रिलायंस पावर के संयुक्त रूप से करीब 50 लाख शेयरधारक हैं और ये कंपनियां लाखों ग्राहकों को सेवाएं देती हैं।

रिलायंस पावर की कुल स्थापित क्षमता 5,305 मेगावाट है, जिसमें मध्य प्रदेश स्थित 4,000 मेगावाट का सासन अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट शामिल है, जिसे दुनिया के सबसे बड़े एकीकृत तापीय बिजली संयंत्रों में से एक माना जाता है।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय