पश्चिम एशिया में मांग पर असर नहीं, अशोक लेलैंड ने पेश किए दो ईंधन वाले एलसीवी मॉडल

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पश्चिम एशिया में मांग पर असर नहीं, अशोक लेलैंड ने पेश किए दो ईंधन वाले एलसीवी मॉडल

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  • Publish Date - April 16, 2026 / 05:22 PM IST,
    Updated On - April 16, 2026 / 05:22 PM IST

नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) वाणिज्यिक वाहन कंपनी अशोक लेलैंड ने पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद मांग मजबूत बनी होने का जिक्र करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि आपूर्ति शृंखला में व्यवधान के कारण संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) स्थित उसके संयंत्र के उत्पादन पर असर पड़ा है।

कंपनी के अध्यक्ष (हल्के वाणिज्यिक वाहन, अंतरराष्ट्रीय परिचालन, रक्षा एवं बिजली समाधान) अमनदीप सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा कि मौजूदा हालात का वित्त वर्ष 2026-27 के प्रदर्शन पर संभावित असर का आकलन करना अभी जल्दबाजी होगी लेकिन भारत में आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं।

उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात के कारण लॉजिस्टिक और कलपुर्जों की आपूर्ति में कुछ बाधाएं आई हैं, जिससे मार्च में उत्पादन थोड़ा घट गया।

उन्होंने कहा, “हम वैकल्पिक मार्ग और लॉजिस्टिक व्यवस्था पर काम कर रहे हैं ताकि संयंत्र का संचालन सामान्य हो सके। स्थिति जल्द सुधरने की उम्मीद है।”

इसके साथ ही सिंह ने कहा कि ईरान से जुड़े तनाव इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) की मांग को बढ़ावा दे सकते हैं और कंपनी इस दिशा में आगे बढ़ने को तैयार है।

सिंह ने कहा, ‘‘कंपनी के हल्के वाणिज्यिक वाहन (एलसीवी) मॉडल ‘दोस्त’ और ‘बड़ा दोस्त’ पहले से ही इलेक्ट्रिक संस्करण में उपलब्ध हैं और उनकी अच्छी संख्या में बिक्री हो रही है।’’

इसी क्रम में अशोक लेलैंड ने बृहस्पतिवार को ‘दोस्त’ और ‘दोस्त प्लस एक्सएल’ के दोहरे ईंधन (सीएनजी और पेट्रोल) वाले संस्करण भी पेश किए। इन संस्करणों में ग्राहक अपनी पसंद के हिसाब से दोनों ईंधन के बीच ‘स्विच’ कर सकते हैं।

सिंह ने कहा कि मौजूदा तनाव के बावजूद खाड़ी देशों में मांग में कोई कमी नहीं आई है और ऑर्डर रद्द होने के मामले भी नहीं देखे गए हैं। हालांकि, पुर्जों की आपूर्ति में देरी के कारण उत्पादन पर असर जरूर पड़ा है।

उन्होंने कहा कि हालात सामान्य होने में समय लग सकता है लेकिन संघर्ष थमने के बाद भारत से कलपुर्जों की आपूर्ति कुछ ही दिनों में बहाल की जा सकती है।

कंपनी की पश्चिम एशिया बाजार में मजबूत उपस्थिति है। यूएई के रास अल खैमा में स्थित विनिर्माण संयंत्र अशोक लेलैंड के लिए खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) और अफ्रीकी बाजारों के एक गढ़ के रूप में काम करता है। इसके अलावा, कंपनी सऊदी अरब में एक नया असेंबली संयंत्र लगाने पर भी काम कर रही है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 11,534 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व दर्ज किया, जिसमें मध्यम एवं भारी वाणिज्यिक वाहन (एमएचसीवी) और हल्के वाणिज्यिक वाहन (एलसीवी) की मजबूत बिक्री का योगदान रहा।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय