जिंदल स्टेनलेस का पहली तिमाही का शुद्ध लाभ 7.6 प्रतिशत बढ़कर 769 करोड़ रुपये

जिंदल स्टेनलेस का पहली तिमाही का शुद्ध लाभ 7.6 प्रतिशत बढ़कर 769 करोड़ रुपये

जिंदल स्टेनलेस का पहली तिमाही का शुद्ध लाभ 7.6 प्रतिशत बढ़कर 769 करोड़ रुपये
Modified Date: August 3, 2026 / 05:13 pm IST
Published Date: August 3, 2026 5:13 pm IST

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड (जेएसएल) का चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 7.6 प्रतिशत बढ़कर 769 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

वित्त वर्ष 2025-26 की पहली (अप्रैल-जून) तिमाही में कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ 715 करोड़ रुपये था।

कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की परिचालन आय 10.5 प्रतिशत बढ़कर 11,279 करोड़ रुपये हो गई जो पिछले वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में 10,207 करोड़ रुपये थी।

अप्रैल-जून तिमाही के अंत में कंपनी का एकीकृत शुद्ध ऋण 2,950 करोड़ रुपये था।

जिंदल स्टेनलेस के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल ने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और वैश्विक व्यापार परिस्थितियों में लगातार बदलाव जैसे चुनौतीपूर्ण परिचालन माहौल के बावजूद कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा।

कंपनी ने बयान में कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण तिमाही के शुरुआती हफ्तों में औद्योगिक गैस की उपलब्धता प्रभावित हुई। इस चुनौती से निपटने के लिए प्रबंधन ने प्रोपेन और एलपीजी की सीमित उपलब्धता की भरपाई पाइप से मुहैया कराई जाने वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) के उपयोग को बढ़ाकर की।

बयान के अनुसार, इन उपायों के बावजूद उसे अस्थायी रूप से अपनी विनिर्माण इकाइयों में उत्पादन कम करना पड़ा। हालांकि, इन चुनौतियों के बीच भी वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में तैयार उत्पादों की बिक्री 5,80,805 टन रही और मूल्य वर्धित उत्पादों पर ध्यान बनाए रखने से कंपनी ने मजबूत वित्तीय वृद्धि दर्ज की।

वैश्विक स्तर पर चुनौतीपूर्ण माहौल के बावजूद कंपनी का निर्यात कारोबार स्थिर रहा। दक्षिण कोरिया, जापान और ब्राजील में बढ़ते अवसरों तथा यूरोप और अमेरिका में लगातार मौजूदगी के कारण कुल बिक्री में निर्यात की हिस्सेदारी 11 प्रतिशत बनी रही।

जिंदल ने मीडिया से बातचीत में विशेष रूप से चीन सहित कुछ देशों से बढ़ते आयात पर अंकुश लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयात भारत में स्टेनलेस स्टील की बढ़ती मांग के बीच घरेलू निवेश के लिए चुनौती उत्पन्न कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (क्यूसीओ) का दायरा बढ़ाने का आग्रह किया।

जिंदल स्टेनलेस ने बयान में कहा, ‘‘ कंपनी के मजबूत प्रदर्शन को परिवहन, बुनियादी ढांचा, विनिर्माण और उपभोक्ता क्षेत्रों सहित प्रमुख उपयोगकर्ता उद्योगों से स्वस्थ मांग का समर्थन मिला। वाहन क्षेत्र का वृद्धि में प्रमुख योगदान बना रहा जबकि पहली तिमाही में विशेष ग्रेड के उत्पादों की बिक्री भी बढ़ी।’’

भाषा निहारिका अजय

अजय


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