मुंबई, पांच जून (भाषा) भारत में बीते वित्त वर्ष के दौरान नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में नौकरी की मांग में 23.7 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके साथ ही नौकरी छोड़ने की दर में भी लगातार गिरावट आई है।
नौकरियों के बारे में सूचना देने वाली कंपनी ‘टीमलीज सर्विसेज’ की रिपोर्ट के अनुसार, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में नौकरियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में इसमें 23.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि वित्त वर्ष 2022-23 में यह 8.5 प्रतिशत थी।
रिपोर्ट में कहा गया कि दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में नौकरियों की मांग असाधारण रूप से अधिक है। अधिकांश नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं इन्हीं शहरों में हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, परिचालन, रखरखाव और तकनीकी भूमिकाओं में पदों की अत्यधिक मांग है, लेकिन सौर पीवी और पवन टर्बाइन तकनीशियनों और स्थापित करने वालों, उत्पादन संचालकों, भंडारण संचालकों और अपशिष्ट प्रबंधन विशेषज्ञों की मांग बढ़ रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, आंकड़ों से यह भी पता चला कि बीते वित्त वर्ष में नौकरी छोड़ने की दर घटकर 33.5 प्रतिशत रह गई है, जबकि 2022-23 में यह 38.8 प्रतिशत थी। यह महत्वपूर्ण कमी नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में कर्मचारियों के बीच स्थिरता और नौकरी से संतुष्टि की भावना को दर्शाती है।
भाषा अनुराग अजय
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