मुंबई, 26 अगस्त (भाषा) वाहन विनिर्माता जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया ने बुधवार को कहा कि वह और उसके आपूर्तिकर्ता गुजरात के हलोल संयंत्र की क्षमता बढ़ाने और देश में कारोबार मजबूत करने के लिए करीब 6,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रहे हैं।
जेएसडब्ल्यू समूह और एसएआईसी मोटर की संयुक्त उद्यम कंपनी जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया का लक्ष्य जनवरी, 2028 तक हलोल संयंत्र की उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर सालाना 2.20 लाख वाहन करना है।
जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया के निदेशक पार्थ जिंदल ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि कंपनी अब तक और मौजूदा निवेश के तहत करीब 3,500 करोड़ रुपये लगा रही है, जबकि उसके आपूर्तिकर्ता करीब 2,500 करोड़ रुपये का निवेश कर रहे हैं।
इस कार्यक्रम में कंपनी ने ‘हेक्टर टोमहॉक’ मॉडल के इलेक्ट्रिक वाहन और प्लग-इन हाइब्रिड संस्करण पेश किए। ये वाहन कंपनी के नए एडवांस्ड ड्राइव आर्किटेक्चर प्लेटफॉर्म (एडीएपीटी) पर आधारित पहले उत्पाद हैं।
जिंदल ने संवाददाताओं से कहा कि हलोल संयंत्र की मौजूदा उत्पादन क्षमता 1.10 लाख वाहन की है, जिसे मार्च, 2027 तक बढ़ाकर 1.60 लाख और जनवरी, 2028 तक 2.20 लाख वाहन किया जाएगा।
जिंदल ने कहा कि अगले तीन-चार साल में कंपनी को नए संयंत्र की जरूरत नहीं दिख रही है। इसकी वजह यह है कि हलोल संयंत्र की वार्षिक क्षमता को आगे चलकर करीब चार लाख वाहन तक बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, क्षमता 2.50 लाख वाहन से ऊपर पहुंचने पर नए स्थान पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कंपनी में एसएआईसी मोटर की अतिरिक्त हिस्सेदारी के अधिग्रहण को लेकर जेएसडब्ल्यू समूह और एसएआईसी के बीच बातचीत जारी है और अभी इस संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
जेएसडब्ल्यू समूह की एमजी मोटर इंडिया में 35 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि एसएआईसी मोटर के पास 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है। शेष हिस्सेदारी अन्य भारतीय निवेशकों, डीलर और कर्मचारियों के पास है।
जिंदल ने कहा कि मौजूदा विस्तार चरण के लिए कंपनी के पास पर्याप्त पूंजी है और फिलहाल हिस्सेदारी में कोई बदलाव नहीं हुआ है। भविष्य के विस्तार के लिए दोनों शेयरधारकों के बीच बातचीत जारी है।
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