मुश्किल दौर में पिता को लगातार काम करते देखना बड़ा सबक रहा: करण अदाणी

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मुश्किल दौर में पिता को लगातार काम करते देखना बड़ा सबक रहा: करण अदाणी

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  • Publish Date - August 20, 2026 / 08:41 PM IST,
    Updated On - August 20, 2026 / 08:41 PM IST

नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) अदाणी पोर्ट्स के प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने अदाणी समूह के खिलाफ हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट और अमेरिकी न्याय विभाग की कार्यवाही के बाद के घटनाक्रम को याद करते हुए कहा है कि अपने पिता एवं समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी को मुश्किल दौर में भी लगातार काम करते देखना उनके लिए बड़ा व्यक्तिगत सबक रहा।

करण ने पेशेवर नेटवर्किंग मंच ‘लिंक्डइन’ पर एक पोस्ट में कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान उनसे सबसे अधिक यह सवाल पूछा गया कि एक पुत्र के रूप में वह अपने पिता को इस सब से गुजरते देखकर कैसा महसूस करते थे।

उन्होंने कहा कि घटनाक्रम के दौरान इस सवाल का जवाब देना मुश्किल था। उन दिनों सुबह अक्सर कोई नई खबर, आरोप या फैसला सामने आता था और उन्हें गुस्सा आता था और चिंता होती थी।

लेकिन उनके मन में सबसे अधिक जो बात रही, वह यह शोर नहीं था। बल्कि अपने पिता को लगातार काम पर जाते देखना था।

करण ने लिखा, ‘‘मेरे पिता लगातार काम करते रहे। यह सुनने में बेहद सामान्य बात लगती है, लेकिन यह बिल्कुल सामान्य नहीं थी।’’

उन्होंने कहा कि परियोजनाओं का निर्माण जारी रखना था, बंदरगाहों का संचालन होना था, घरों और कारोबार तक बिजली पहुंचानी थी और हवाई अड्डों को यात्रियों की सेवा करनी थी।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत नहीं रुका क्योंकि हमारा परिवार मुश्किल दौर से गुजर रहा था। और वह भी नहीं रुके।’’

करण ने अपनी भावुक पोस्ट में कहा कि इस अनुभव ने उन्हें अपने पिता को बेहतर ढंग से समझने में मदद की। उन्होंने लिखा, ‘‘पापा में हमेशा सामने मौजूद काम पर असाधारण रूप से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता रही है।’’

उन्होंने कहा कि ‘काम खुद बोलता है’ उनके पिता का हमेशा से स्वभाव रहा है।

करण ने कहा कि इन वर्षों ने उन्हें अपनी बात पर कायम रहने का साहस, लगातार काम करते रहने का अनुशासन और मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद भारत के लिए निर्माण जारी रखने का दृढ़ विश्वास दिया।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय