कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कृषि ऋण माफी पर केंद्र से मांगी मदद
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कृषि ऋण माफी पर केंद्र से मांगी मदद
बेंगलुरु, चार सितंबर (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने शुक्रवार को सूखे की स्थिति के बीच केंद्र सरकार से राज्य में कृषि ऋण माफ करने का आग्रह किया और भाजपा नेताओं से नयी दिल्ली में इस मांग को उठाने के लिए उनके साथ आने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने विवादित पार्क विधेयक को वापस लेने के अपनी सरकार के फैसले का भी बचाव किया। यह विधेयक सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और जन-उपयोगी परियोजनाओं के लिए पार्क और बगीचों की पांच प्रतिशत भूमि के उपयोग की अनुमति देता है।
विधेयक वापस लिए जाने पर अपनी जीत का दावा करने के लिए उन्होंने भाजपा की आलोचना की और पार्टी को ‘विकास-विरोधी’ बताते हुए कहा कि बेंगलुरु के सामने जो भी समस्याएं हैं, उसके लिए भाजपा ही जिम्मेदार है।
बागलकोट और विजयनगर जिलों के सूखा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे से पहले शिवकुमार ने कहा, ”आपने भाजपा और जद (एस) की राजनीति देखी है। हाल में संपन्न विधानसभा सत्र के दौरान किसानों और सूखे की स्थिति पर कोई चर्चा नहीं हुई। यही वजह है कि विशेष सत्र बुलाया गया है।”
उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि हाल में समाप्त हुए मानसून सत्र के दौरान सूखे की स्थिति पर चर्चा का अवसर न मिलने पर खुद भाजपा और जद (एस) के विधायकों ने असंतोष जताया था। सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायकों ने भी ऐसी ही चिंताएं व्यक्त की थीं।
शिवकुमार ने कहा, ”मैं उनकी मदद करना चाहता हूं। केंद्र सरकार को भी धन उपलब्ध कराना चाहिए। एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ले जाने की जरूरत है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने कृषि ऋण माफी की मांग की है। कृषि ऋण माफी की जिम्मेदारी केंद्र सरकार को लेनी चाहिए, क्योंकि प्रधानमंत्री ने खुद कहा था कि यह सूखा है।”
उन्होंने विजयेंद्र और विपक्ष के नेता आर अशोक से दिल्ली में उनके साथ चलकर यह मांग उठाने का आग्रह किया, क्योंकि इस मामले पर केंद्र सरकार का नियंत्रण है।
भाषा पाण्डेय रमण
रमण

Facebook


