बेंगलुरु, दो सितंबर (भाषा) कर्नाटक राज्य हस्तशिल्प विकास निगम लिमिटेड (केएसएचडीसीएल) अपने ब्रांड कावेरी हैंडीक्राफ्ट्स को डिजिटल रूप से बढ़ावा देते हुए राज्य के पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पादों की घरेलू और विदेशी बाजारों में पहुंच बढ़ाने के लिए ई-कॉमर्स पोर्टल को नए सिरे से विकसित कर रही है।
निगम ने बुधवार को बताया कि नए पोर्टल को आगामी गणेश उत्सव के दौरान शुरू किए जाने का प्रस्ताव है।
कावेरी हैंडीक्राफ्ट्स की ऑनलाइन बिक्री फिलहाल करीब 70 लाख रुपये सालाना है और इसे अगले तीन साल में बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये सालाना करने का लक्ष्य रखा गया है।
नए पोर्टल की प्रमुख विशेषताओं में ‘कस्टमाइज प्रोडक्ट’ सुविधा शामिल होगी। इसके तहत ग्राहक उत्पाद के आकार, डिजाइन, रंग, सामग्री, नक्काशी, मात्रा और पैकेजिंग से जुड़ी अपनी जरूरतें बता सकेंगे।
राज्य सरकार में एमएसएमई, खान एवं वस्त्र विभाग की सचिव रोहिणी सिंधुरी ने कहा, “कर्नाटक का हस्तशिल्प हमारी विशिष्ट विरासत और कारीगरों के असाधारण कौशल का प्रतिनिधित्व करते हैं। हमारा उद्देश्य डिजिटल बाजारों के माध्यम से इन उत्पादों को कहीं बड़े ग्राहक वर्ग तक पहुंचाना है।”
केएसएचडीसीएल के प्रबंध निदेशक एच.आर. राजप्पा ने कहा कि इसका मकसद कावेरी उत्पादों को भारत और विदेशों में खरीदारों के लिए आसानी से उपलब्ध कराना है।
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यासिर अजय
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