नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) जमीन, मकान के विकास से जुड़ी कंपनियों तथा विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ब्याज दरों में स्थिरता से घर खरीदारों तथा डेवलपर का भरोसा बढ़ेगा, आवास की मांग को समर्थन मिलेगा और क्षेत्र की दीर्घकालिक वृद्धि को गति मिलेगी।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितता के बीच महंगाई बढ़ने के जोखिम को देखते हुए नीतिगत दर रेपो को उम्मीद के मुताबिक बुधवार को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा।
रियल एस्टेट क्षेत्र के शीर्ष निकाय नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको) के अध्यक्ष प्रवीण जैन ने कहा, ‘‘ मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच, आरबीआई का नीतिगत दर रेपो को यथावत रखना एक संतुलित फैसला है। इस समय रियल एस्टेट क्षेत्र की नीति में स्थिरता की जरूरत थी और केंद्रीय बैंक के इस कदम से डेवलपर और घर खरीदने वालों, दोनों का भरोसा बढ़ेगा। उम्मीद है कि ब्याज दरों में स्थिरता से घरों की मांग बनी रहेगी और क्षेत्र में तेजी जारी रहेगी।’’
क्रेडाई (कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) के अध्यक्ष शेखर पटेल ने कहा, ‘‘ रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर कायम रखने का आरबीआई का फैसला रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए स्थिरता और भरोसा लेकर आया है। मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यथास्थिति बनाए रखने का निर्णय विश्वास और नीतिगत निरंतरता का सकारात्मक संकेत देता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ ब्याज दरों का स्थिर माहौल डेवलपर और खरीदारों, दोनों को अधिक निश्चितता के साथ अपनी योजनाएं बनाने में मदद करता है। ’’
नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा, ‘‘ महंगाई पर मुख्य रूप से आपूर्ति पक्ष के दबाव और जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच नीतिगत दरों को यथावत रखने का निर्णय आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने के साथ-साथ वैश्विक और घरेलू स्तर पर उभरते जोखिमों पर सतर्क नजर बनाए रखने के केंद्रीय बैंक के संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ ब्याज दरों का स्थिर माहौल खरीदारों के विश्वास को मजबूत करेगा, कारोबार और निवेशकों को अधिक निश्चितता प्रदान करेगा तथा किफायती वित्तपोषण तक निरंतर पहुंच सुनिश्चित करेगा।’’
सिग्नेचर ग्लोबल (इंडिया) लिमिटेड के संस्थापक एवं चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल ने कहा, ‘‘ आरबीआई का फैसला ऐसे समय में एक संतुलित और दूरदर्शी कदम है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और बाहरी चुनौतियों का सामना कर रही है। महंगाई के आरबीआई के संतोषजनक दायरे में बने रहने से नीतिगत स्थिरता सुनिश्चित हुई है जिससे उद्योग जगत तथा घर खरीदने वालों का विश्वास और मजबूत होगा। हाल के महीनों में आवास ऋण की स्थिर ब्याज दरों और बेहतर उपभोक्ता विश्वास से आवासीय रियल एस्टेट क्षेत्र में मांग मजबूत बनी हुई है।’’
मिगसन ग्रुप के प्रबंध निदेशक यश मिगलानी ने कहा कि आरबीआई का रेपो दर बरकरार रखने का फैसला ऐसे समय में आया है, जब घर खरीदने वालों की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। ब्याज दरों और ऋण की स्थिर व्यवस्था से घर खरीदारों को अपने बजट और वित्तीय योजना के अनुसार आसानी से फैसला लेने में मदद मिलती है। वहीं डेवलपर को भी नई परियोजनाओं की योजना बनाने, उन्हें समय पर शुरू करने और भविष्य की तैयारियां बेहतर तरीके से करने का भरोसा मिलता है।’’
साया ग्रुप के प्रबंध निदेशक विकास भसीन ने कहा, ‘‘ केंद्रीय बैंक ने एक बार फिर रेपो दर में कोई परिवर्तन नहीं किया। एक स्थिर ब्याज दर का माहौल रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए सकारात्मक है, क्योंकि इससे आवास ऋण के जरिये घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों का आत्मविश्वास बढ़ेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उधार लेने की लागत में स्थिरता खरीदारों को अपने वित्त के बेहतर प्रबंधन की योजना बनाने और बढ़ती मासिक किस्त की चिंता किए बिना दीर्घकालिक निवेश का निर्णय लेने में सक्षम बनाती है। ’’
प्रतीक ग्रुप के प्रबंध निदेशक प्रतीक तिवारी ने कहा, ‘‘आरबीआई का कदम महंगाई और आर्थिक वृद्धि के बीच संतुलन बनाने वाला फैसला है। निर्माण लागत बढ़ने की चुनौती के बावजूद स्थिर ब्याज दरों से आवास ऋण की लागत पर दबाव नहीं पड़ेगा, जिससे घर खरीदारों को राहत मिलेगी। वहीं, डेवलपर भी नई परियोजनाएं अधिक स्पष्टता एवं भरोसे के साथ पेश कर सकेंगे।’’
लोहिया वर्ल्डस्पेस के निदेशक पीयूष लोहिया ने कहा कि आरबीआई का निर्णय आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने के साथ-साथ महंगाई पर सतर्क निगरानी बनाए रखने की संतुलित सोच को दर्शाता है। खाद्य एवं ईंधन की कीमतों के कारण महंगाई का दबाव फिलहाल बना हुआ है लेकिन आरबीआई का यह विश्वास कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के बाद महंगाई में नरमी आएगी, रियल एस्टेट डेवलपर और घर खरीदने वालों के लिए सकारात्मक संकेत है।
भाषा निहारिका रमण
निहारिका