नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) जीप और सिट्रोन ब्रांड वाली वाहन कंपनी स्टेलेंटिस ने तमिलनाडु के तिरुवल्लूर स्थित अपने विनिर्माण परिचालन का पूर्ण स्वामित्व हासिल कर लिया है और 2027 तक सालाना 50,000 से अधिक वाहन के उत्पादन का लक्ष्य रखा है।
स्टेलेंटिस इंडिया ने सोमवार को बयान में कहा कि उसने सीके बिड़ला समूह की कंपनी हिंदुस्तान मोटर फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड से स्टेलेंटिस ऑटोमोबाइल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में शेष हिस्सेदारी हासिल कर ली है।
लेनदेन पूरा होने के बाद स्टेलेंटिस का तिरुवल्लूर स्थित कंपनी और उसके विनिर्माण परिचालन पर पूर्ण स्वामित्व हो गया है। कंपनी ने कहा कि सौदे का वित्तपोषण प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के जरिये किया गया है।
स्टेलेंटिस ने कहा कि वह उत्पादन को 2026 के 18,000 इकाइयों से बढ़ाकर 2027 तक सालाना 50,000 से अधिक इकाइयों पर ले जाना चाहती है। इससे उत्पादन में 160 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि होगी।
तिरुवल्लूर संयंत्र में सिट्रोन सी3, ई-सी3, सी3 एयरक्रॉस और बेसाल्ट मॉडल का विनिर्माण होता है। कंपनी के मुताबिक, संयंत्र में 95 प्रतिशत से अधिक स्थानीयकरण हासिल किया जा चुका है।
स्टेलेंटिस इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) शैलेष हजेला ने बयान में कहा कि भारत कंपनी की वृद्धि रणनीति का अहम स्तंभ है। कंपनी भारत में विनिर्माण, उत्पाद विकास, स्थानीयकरण और क्षमता निर्माण पर एक अरब यूरो से अधिक (करीब 11,000 करोड़ रुपये) का निवेश कर चुकी है और आगे भी वृद्धि के अवसरों पर काम करती रहेगी।
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प्रेम अजय
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