सहकारी समितियों में वित्तीय नुकसान के जिम्मेदार लोगों से वसूली तेज करेगी केरलम सरकार

सहकारी समितियों में वित्तीय नुकसान के जिम्मेदार लोगों से वसूली तेज करेगी केरलम सरकार

सहकारी समितियों में वित्तीय नुकसान के जिम्मेदार लोगों से वसूली तेज करेगी केरलम सरकार
Modified Date: August 21, 2026 / 05:14 pm IST
Published Date: August 21, 2026 5:14 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 21 अगस्त (भाषा) केरलम के सहकारिता मंत्री एम. लिजू ने शुक्रवार को कहा कि सरकार सहकारी समितियों में वित्तीय नुकसान के लिए जिम्मेदार पाए गए लोगों से धन वसूली के लिए कानूनी कार्यवाही तेज करेगी।

लिजू ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भ्रष्टाचार, धन के गबन, प्रशासनिक विफलताओं, ऋण धोखाधड़ी और धन के दुरुपयोग समेत सहकारी समितियों में वित्तीय संकट के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अधिभार लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।

मंत्री ने बताया कि सरकार ने सहकारी क्षेत्र में लोगों का भरोसा बहाल करने के लिए ‘विश्वास’ परियोजना शुरू की है और जमा राशि से जुड़े संकट का सामना कर रही 400 से अधिक सहकारी समितियों की पहचान की है।

उन्होंने कहा कि सरकार इन समितियों की वित्तीय स्थिति की जांच कर रही है और जमाकर्ताओं को व्यवस्थित तथा समयबद्ध तरीके से उनकी राशि लौटाने के लिए एक व्यापक पैकेज तैयार कर रही है।

लिजू ने कहा, ‘‘जहां भी भ्रष्टाचार, धन के गबन, प्रशासनिक विफलताओं, ऋण धोखाधड़ी, धन के दुरुपयोग और अन्य अनियमितताओं के कारण धन का संकट पैदा हुआ है, वहां जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अधिभार लगाने की कार्यवाही तेज की जाएगी।’’

उन्होंने कहा कि सरकार कर्जदारों से बकाया ऋण की भी वसूली करेगी और इससे प्राप्त राशि का इस्तेमाल धीरे-धीरे जमाकर्ताओं को भुगतान करने के लिए किया जाएगा।

लिजू ने कहा कि जमा गारंटी योजना में बदलाव का प्रस्ताव है, ताकि सहायता केवल उन समितियों तक सीमित न रहे, जिनका परिसमापन किया जा रहा है।

कर्जदारों को राहत देने के उपायों के बारे में लिजू ने कहा कि ‘आश्वास 2026’ एकमुश्त निपटान योजना के तहत 100 करोड़ रुपये से अधिक के मामलों का पहले ही निपटारा किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि समिति स्तर की समितियों को 25 प्रतिशत तक ब्याज माफी देने का अधिकार दिया गया है। सहायक रजिस्ट्रार स्तर पर विधायकों को शामिल करने वाली समितियां प्राथमिक समिति की मंजूरी के अधीन 35 प्रतिशत तक ब्याज माफी दे सकती हैं।

मंत्री ने कहा कि संयुक्त रजिस्ट्रार स्तर की समितियां, जिनमें सांसद और विधायक भी शामिल हैं, 50 प्रतिशत तक ब्याज माफी दे सकती हैं।

लिजू ने कहा कि इसके बाद राज्य स्तरीय समिति निचले स्तर की समितियों द्वारा अनुशंसित आवेदनों पर विचार करेगी और अधिकतम संभव राहत प्रदान करेगी।

मंत्री ने सहकारी क्षेत्र के कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए कई उपायों की भी घोषणा की।

लाभ में चल रही सहकारी समितियों के कर्मचारियों को 16,800 रुपये का बोनस मिलेगा, जबकि घाटे में चल रही समितियों में काम करने वाले कर्मचारियों को 7,000 रुपये का बोनस दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कमीशन के आधार पर ऋण वसूली करने वाले एजेंट और बोनस के पात्र नहीं होने वाले अस्थायी कर्मचारियों का भत्ता 700 रुपये बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दिया गया है।

सहकारी क्षेत्र के पेंशनधारकों का त्योहार भत्ता 400 रुपये बढ़ाकर 4,500 रुपये, जबकि पारिवारिक पेंशनधारकों का भत्ता 200 रुपये बढ़ाकर 4,400 रुपये कर दिया गया है।

लिजू ने कहा कि सहकारिता विभाग के कर्मचारियों की एक साल से लंबित 235 पदोन्नतियों को मंजूरी दे दी गई है, जिससे लोक सेवा आयोग (पीएससी) के तहत 51 नियुक्तियां हुई हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन वितरित करने वाले सहकारी समिति कर्मचारियों को लंबित प्रोत्साहन राशि का अग्रिम भुगतान करने का भी फैसला किया है। यह प्रोत्साहन राशि नवंबर 2025 से लंबित है।

भाषा निहारिका रमण

रमण


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