नयी दिल्ली, एक जून (भाषा) केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने सोमवार को ब्रिक्स देशों के बीच पशुधन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सामूहिक प्रयासों और जानकारी साझा करने का आह्वान किया तथा पशुओं की बीमारियों तथा चारे की कमी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए नए समाधान खोजने पर जोर दिया।
एक सरकारी बयान के अनुसार, पशुपालन और डेयरी विभाग ने ब्रिक्स कृषि कार्य समूह के तहत ‘उन्नत पशुधन प्रौद्योगिकी और चारा प्रणालियों (एएलटी एंड एफएस)’ पर एक उच्च-स्तरीय संवाद का आयोजन वर्चुअल माध्यम से किया।
सिंह ने ब्रिक्स देशों में ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तीकरण और पोषण सुरक्षा को सहारा देने में पशुधन क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
उन्होंने ‘‘कम उत्पादकता, चारे की कमी, पशुओं की बीमारियां और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का समाधान नवाचार और टिकाऊ उपायों के माध्यम से करने की आवश्यकता’’ पर जोर दिया।
मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्यमंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने समावेशी, टिकाऊ और किसान-केंद्रित पशुधन क्षेत्र बनाने के लिए ब्रिक्स देशों के बीच बेहतर सहयोग और जानकारियां साझा करने का आह्वान किया।
इस कार्यक्रम में कई विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) के सहायक महानिदेशक और पशु उत्पादन एवं स्वास्थ्य प्रभाग (एनएसए) के निदेशक थानावत टिएन्सिन, तथा ब्राजील, चीन, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, रूस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ईरान के विषय विशेषज्ञों ने इस संवाद में भाग लिया।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय