दिल्ली, 24 जनवरी (भाषा) निजी क्षेत्र के कोटक महिंद्रा बैंक का वित्त वर्ष 2025-26 की दिसंबर तिमाही में एकल शुद्ध लाभ चार प्रतिशत बढ़कर 3,446 करोड़ रुपये रहा।
मुंबई स्थित बैंक ने पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 3,305 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया था।
कोटक महिंद्रा बैंक ने शनिवार को शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि आलोच्य तिमाही के दौरान उसकी कुल आय बढ़कर 16,741 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में 16,050 करोड़ रुपये थी।
इस दौरान बैंक की ब्याज आय भी पिछले साल के 13,428 करोड़ रुपये से बढ़कर 13,903 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।
बैंक की शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) आलोच्य तिमाही में बढ़कर 7,565 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले इसी अवधि में 7,196 करोड़ रुपये थी। हालांकि, बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के 4.93 प्रतिशत से गिरकर 4.54 प्रतिशत रह गया।
परिसंपत्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर, बैंक के सकल गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) अनुपात में सुधार हुआ और यह 31 दिसंबर, 2025 तक घटकर 1.30 प्रतिशत रह गया, जो एक साल पहले 1.50 प्रतिशत था। इसी तरह शुद्ध एनपीए भी 0.41 प्रतिशत से घटकर 0.31 प्रतिशत पर आ गया।
दिसंबर तिमाही में बैंक का संभावित ऋण नुकसान के लिए ‘प्रावधान’ बढ़कर 810 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 794 करोड़ रुपये था।
आलोच्य तिमाही के दौरान, बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात मामूली रूप से घटकर 22.63 प्रतिशत रह गया, जो दिसंबर 2024 के अंत में 22.79 प्रतिशत था।
समेकित आधार पर, कोटक महिंद्रा बैंक का शुद्ध लाभ पांच प्रतिशत बढ़कर 4,924 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 4,701 करोड़ रुपये था।
दिसंबर तिमाही के एकीकृत लाभ में नए श्रम कानूनों के कारण 98 करोड़ रुपये की अनुमानित अतिरिक्त लागत भी शामिल है।
31 दिसंबर, 2025 तक बैंक के प्रबंधन के तहत कुल ग्राहक परिसंपत्तियां (एयूएम) बढ़कर 7,87,950 करोड़ रुपये हो गईं, जो एक साल पहले 6,85,134 करोड़ रुपये थीं।
बैंक के अनुसार, 31 दिसंबर, 2025 तक बैंक की एकीकृत कुल संपत्ति 1,75,251 करोड़ रुपये थी।
भाषा सुमित पाण्डेय
पाण्डेय