Chhattisgarh Afeem Cultivation: ‘छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती के पीछे अंतर्राष्ट्रीय गिरोह!’.. क्या अफसरों ने घर बैठे तैयार किया गिरदावरी रिपोर्ट?.. जानें किसने उठायें सवाल

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Chhattisgarh Afeem Cultivation Latest Updates: छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती पर सियासत तेज, विपक्ष ने अंतरराष्ट्रीय गिरोह और प्रशासनिक संरक्षण की आशंका जताई।

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  • Publish Date - March 12, 2026 / 03:20 PM IST,
    Updated On - March 12, 2026 / 03:23 PM IST

Chhattisgarh Afeem Cultivation Latest Updates || Image- Symbolic (Canva)

HIGHLIGHTS
  • अफीम खेती पर विपक्ष ने सरकार को घेरा
  • अंतरराष्ट्रीय गिरोह के शामिल होने की आशंका
  • बलरामपुर में 4.75 करोड़ की अफीम जब्त

Chhattisgarh Afeem Cultivation: रायपुर: छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती को लेकर पक्ष और विपक्षी की बीच सियासी बयान और विवाद तेज हो गया है। पूर्व डिप्टी सीएम और दिग्गज कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने इस पूरे मामले के पीछे अंतरराष्ट्रीय गिरोह के शामिल होने की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में अलग-अलग क्षेत्रों में अफीम की खेती सरकार और प्रशासन और पुलिस के संरक्षण के बिना संभव नहीं है। सिंहदेव ने सरकार से सख्त कदम उठाने और सतत निगरानी बनाए रखने की मांग की है।

‘सरकार के संरक्षण के बिना संभव नहीं’ : धनेन्द्र साहू

इसी तरह छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू ने भी इस मामले में कांग्रेस की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ढाई साल में छत्तीसगढ़ अपराधों का गढ़ बन चुका है और अब राज्य अफीम उत्पादन के लिए भी जाना जाने लगा है। उन्होंने यह भी कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती केवल सरकार के संरक्षण के बिना संभव नहीं है और इस पर कड़ाई से जांच होनी चाहिए।

साहू ने बताया कि बड़े फार्म हाउस में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक होती है, जिससे यह साफ नहीं हो पाता कि खेती के पीछे कौन जिम्मेदार है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी फील्ड में जाकर गिरदावरी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं या घर बैठे ही रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि, राजस्व और पुलिस विभाग के बीच सांठगांठ के बिना इतने बड़े पैमाने पर अफीम की खेती संभव नहीं है। धनेंद्र साहू ने कहा कि ऐसे मामलों में दोनों विभागों के अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

सात गिरफ्तार, भेजे गए जेल

Chhattisgarh Afeem Cultivation: बलरामपुर जिले के त्रिपुरी में सामने आये अफीम खेती की शुरुआती जांच में प्रशासन ने बड़ा खुलासा किया है। बताया गया है कि 3.67 एकड़ में अफीम की खेती की गई थी वही मौके से कुल 4 हजार 344 किलो जप्त की गई अफीम जब्त की गई है। इसमें तना, फुल पौधा और फल सभी शामिल है। बात करें कीमत के तो जब्त अफीम की मार्केट वैल्यू 4.75 करोड़ रुपए आंकी गई है। इस मामले में पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। सभी पर NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। वही इससे पहले दुर्ग जिले के समोदा में भी एक भाजपा नेता को अफीम की खेती के आरोप में गिरफ्तार किया गया था जिसके बाद पूरे मामले ने सियासी रंग ले लिया था। विधानसभा में इन दिनों इस मामले को लेकर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने है।

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1. छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती का मामला कहां सामने आया?

यह मामला बलरामपुर जिले के त्रिपुरी क्षेत्र में सामने आया, जहां बड़े पैमाने पर अफीम की खेती मिली।

2. पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?

पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया।

3. विपक्ष ने इस मामले में क्या आरोप लगाए हैं?

विपक्ष ने अंतरराष्ट्रीय गिरोह और प्रशासनिक संरक्षण की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।