भारतीय मानक समय को सुरक्षित बनाने के लिए ‘व्हाइट रैबिट’ प्रौद्योगिकी आधारित नेटवर्क शुरू किया

भारतीय मानक समय को सुरक्षित बनाने के लिए ‘व्हाइट रैबिट’ प्रौद्योगिकी आधारित नेटवर्क शुरू किया

भारतीय मानक समय को सुरक्षित बनाने के लिए ‘व्हाइट रैबिट’ प्रौद्योगिकी आधारित नेटवर्क शुरू किया
Modified Date: July 18, 2026 / 09:04 pm IST
Published Date: July 18, 2026 9:04 pm IST

नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) केंद्र सरकार ने ‘व्हाइट रैबिट’ सटीक समय निर्धारण प्रौद्योगिकी पर आधारित एक प्रदर्शन नेटवर्क शुरू किया है। केंद्र सरकार ने शनिवार को यह जानकारी दी।

‘एक राष्ट्र, एक समय’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से विकसित यह नेटवर्क पूरे देश में नैनोसेकंड से भी कम समय में सटीक समय प्रदान करता है। इससे वित्त, दूरसंचार और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए विदेशी जीपीएस पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी।

केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने पिछले सप्ताह बेंगलुरु स्थित क्षेत्रीय संदर्भ मानक प्रयोगशाला (आरआरएसएल) में इस नेटवर्क की शुरुआत की थी। यह परियोजना उपभोक्ता मामले विभाग, सरकार संचालित सीएसआईआर-राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनपीएल) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की संयुक्त पहल है।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह प्रणाली प्रिसिजन टाइम प्रोटोकॉल आधारित ‘व्हाइट रैबिट’ तकनीक के जरिये भारतीय मानक समय (आईएसटी) का प्रसार करती है, जो राष्ट्रीय समय निर्धारण संस्था यूटीसी (एनपीएलआई) से जुड़ा हुआ है। यह प्रौद्योगिकी बैंकिंग, दूरसंचार, बिजली ग्रिड, परिवहन और डिजिटल प्रशासन जैसे क्षेत्रों में अत्यधिक सटीक समय समन्वय उपलब्ध कराती है।

मंत्रालय ने बताया कि सीएसआईआर-एनपीएल के साथ मिलकर उपभोक्ता मामले विभाग, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी), एनएसई और सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने बेंगलुरु प्रयोगशाला और एनएसई की चेन्नई इकाई के बीच सुरक्षित समय प्रसारण का सत्यापन परीक्षण भी पूरा किया है।

भाषा योगेश रमण

रमण


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