एलआईसी का आईपीओ अगले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही तक आ सकता है: आर्थिक मामलों के सचिव

एलआईसी का आईपीओ अगले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही तक आ सकता है: आर्थिक मामलों के सचिव

एलआईसी का आईपीओ अगले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही तक आ सकता है: आर्थिक मामलों के सचिव
Modified Date: November 29, 2022 / 08:38 pm IST
Published Date: February 3, 2021 4:18 pm IST

नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) आर्थिक मामलों से जुड़े विभाग के सचिव तरूण बजाज ने बुधवार को कहा कि भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) अगले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में आ सकता है। सरकार ने इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिये जीवन बीमा निगम कानून 1956 में संशोधन का प्रस्ताव किया है।

वित्त मंत्री ने 2021-22 के बजट के साथ सदन के पटल पर रखे गये वित्त विधेयक के जरिये 27 संशोधन प्रस्तावित किये हैं।

बजाज ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत मे कहा, ‘‘अगले वित्त वर्ष की संभवत: तीसरी या चौथी तिमाही में आईपीओ आ सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि कितनी जल्दी मूल्यांकन सामने आता है।’’

वित्त मंत्री ने सोमवार को बजट भाषण में एलआईसी का आईपीओ लाने की घोषणा की।

फिलहाल सरकार की एलआईसी में 100 प्रतिात हिस्सेदारी है। अलगभग 8 से 10 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन के अनुमान के साथ इसके सूचीबद्ध होने पर बाजार पूंजीकरण के लिहाज से यह संभवत: देश की सबसे बड़ी कंपनी होगी।

निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) पहले ही एलआईसी का मूल्यांकन करने के लिये कंपनी मिलीमैन एडवाजर्स का चयन कर चुकी है। जबकि डेलॉयट और एसबीआई कैप को ‘प्री-आईपीओ’ सौदा सलाहकर नियुक्त किया गया है।

भाषा रमण मनोहर

मनोहर


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