टाटा संस का सूचीबद्ध होना जनहित में, सरकार और आरबीआई पर भरोसा: शापूरजी पलोनजी मिस्त्री

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टाटा संस का सूचीबद्ध होना जनहित में, सरकार और आरबीआई पर भरोसा: शापूरजी पलोनजी मिस्त्री

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  • Publish Date - April 10, 2026 / 04:20 PM IST,
    Updated On - April 10, 2026 / 04:20 PM IST

नयी दिल्ली, 10 अप्रैल (भाषा) शापूरजी पलोनजी (एसपी) समूह के चेयरमैन शापूरजी पलोनजी मिस्त्री ने शुक्रवार को एक बार फिर टाटा संस को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि यह केवल नियामक नियमों का पालन नहीं है, बल्कि जनहित में एक जरूरी कदम है।

मिस्त्री ने इस मामले में सरकार और आरबीआई द्वारा निर्णायक कार्रवाई किए जाने पर भरोसा जताया।

टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के बारे में एक बयान में मिस्त्री ने कहा, ”एसपी समूह को भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक पर पूरा भरोसा है कि वे टाटा संस को सूचीबद्ध करने के मामले में निर्णायक कदम उठाएंगे।”

उन्होंने कहा कि अब तक ऐसा कोई ठोस प्रमाण आधारित तर्क पेश नहीं किया गया है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध होने से टाटा ट्रस्ट के हितों को नुकसान होगा या लाभार्थियों की सेवा करने की क्षमता कम हो जाएगी।

मिस्त्री की यह टिप्पणी उन खबरों के बीच आई है जिनमें कहा गया कि टाटा ट्रस्ट के दो ट्रस्टी- वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह, टाटा संस को सूचीबद्ध करने के पक्ष में हैं, जबकि टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा इस कदम के खिलाफ हैं।

मिस्त्री ने कहा, ”जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, मैं फिर दोहराता हूं कि टाटा संस को समय पर सूचीबद्ध करना केवल नियमों का पालन नहीं है, बल्कि एक अनिवार्य प्रगति है। इससे कॉरपोरेट प्रशासन मजबूत होगा और पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ेगी।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि टाटा संस को सूचीबद्ध करना मौलिक रूप से जनहित में है। एक सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध होल्डिंग कंपनी बोर्ड की जवाबदेही को मजबूत करती है, निवेशकों का आधार बढ़ाती है और सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सुरक्षित करती है।

मिस्त्री ने यह भी कहा कि सूचीबद्ध होने से लाखों खुदरा शेयरधारकों के लिए मूल्य लेने का विकल्प खुल जाएगा, टाटा ट्रस्ट्स के लिए लाभांश का एक अधिक स्पष्ट और मजबूत जरिया बनेगा तथा सामाजिक एवं परोपकारी कार्यों में वृद्धि होगी, जिससे देश के सबसे गरीब वर्गों को लाभ होगा।

उन्होंने कहा, ”हालांकि हम जल्द से जल्द सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए टाटा संस के नेतृत्व के साथ रचनात्मक बातचीत कर रहे हैं, लेकिन हम सूचीबद्धता के संबंध में आरबीआई से एक निर्णायक दिशानिर्देश की उम्मीद करते हैं।”

गौरतलब है कि शापूरजी पलोनजी परिवार के पास टाटा संस की लगभग 18.37 प्रतिशत हिस्सेदारी है। एसपी समूह टाटा संस में अपनी इस हिस्सेदारी का लाभ उठाकर कोष जुटाने और अपना कर्ज कम करने की कोशिश कर रहा है। टाटा संस में 66 प्रतिशत हिस्सेदारी टाटा ट्रस्ट के पास है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण