महाराष्ट्र ने वैश्विक कार्यबल आवाजाही नीति-2026 की घोषणा की, ‘स्किल पासपोर्ट’ बनेंगे

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महाराष्ट्र ने वैश्विक कार्यबल आवाजाही नीति-2026 की घोषणा की, ‘स्किल पासपोर्ट’ बनेंगे

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  • Publish Date - September 21, 2026 / 07:59 PM IST,
    Updated On - September 21, 2026 / 07:59 PM IST

मुंबई, 21 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को वैश्विक कार्यबल आवाजाही नीति-2026 की घोषणा की। इस नीति में अलग-अलग देशों की जरूरत के अनुसार ‘स्किल पासपोर्ट’ तैयार करने, प्रशिक्षण कार्यक्रमों को वैश्विक रोजगार की जरूरत के अनुरूप बनाने और विदेश में रोजगार के लिए सुरक्षित एवं नैतिक भर्ती व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया है।

फडणवीस ने यहां सह्याद्री अतिथि गृह में श्रमबल की आवाजाही पर आयोजित एक उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अलग-अलग देशों में कुशल कामगारों की जरूरत का आकलन करें और महाराष्ट्र के युवाओं के लिए देश-विशेष के अनुरूप ‘स्किल पासपोर्ट’ तैयार करें।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, उन्होंने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को वैश्विक रोजगार की जरूरतों के अनुरूप अपने पाठ्यक्रमों में बदलाव करने और विदेश में रोजगार के लिए सुरक्षित भर्ती व्यवस्था विकसित करने का भी निर्देश दिया।

‘सर्कुलर मोबिलिटी ऑफ टैलेंट’ विषय पर आयोजित सम्मेलन का संयुक्त आयोजन महाराष्ट्र इंस्टिट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (मित्र), प्रोटोकॉल विभाग, कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग तथा महाराष्ट्र एजेंसी फॉर होलिस्टिक इंटरनेशनल मोबिलिटी एंड एडवांसमेंट (महिमा) ने किया था।

फडणवीस ने कहा, ‘‘दुनियाभर में बदलती जनसांख्यिकी और बढ़ती उम्र की आबादी के कारण कुशल कामगारों की मांग बढ़ रही है। भारत के युवा कार्यबल में इस वैश्विक मांग को पूरा करने की क्षमता है। कुशल कामगारों को अंतरराष्ट्रीय जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की आवश्यकता है।’’

उन्होंने कहा कि भारत ने करीब 28 देशों के साथ श्रम आवाजाही समझौते किए हैं। इन देशों में इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य सेवा, निर्माण और विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में कुशल कामगारों की मांग है।

भाषा योगेश अजय

अजय