नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) पारिवारिक कारोबारी समूहों की अगली पीढ़ी के उद्योगपतियों ने सोमवार को कहा कि कारोबार की कमान एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को सौंपते समय कंपनी के मूल्यों और परंपराओं को बनाए रखना जरूरी है। इसके साथ ही बदलते कारोबारी माहौल के अनुसार नए विचारों, विविधता और प्रौद्योगिकी को अपनाना भी जरूरी है।
एक परिचर्चा में ट्रैक्टर्स एंड फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड (टैफे) की वाइस चेयरमैन लक्ष्मी वेणु, किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड (केबीएल) की संयुक्त प्रबंध निदेशक रमा किर्लोस्कर और एसएईएल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) लक्षित आवला ने नेतृत्व, कारोबार की अगली पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपने, कर्मचारियों में विविधता और बदलते कारोबारी माहौल पर अपने विचार रखे।
करीब दो दशक तक अपनी मां मल्लिका श्रीनिवासन के साथ काम करने के बाद टैफे की वाइस चेयरमैन बनीं वेणु ने कहा कि कंपनी में विश्वसनीयता पद के आधार पर नहीं मिलती, बल्कि इसे अपने काम से अर्जित करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि टैफे से जुड़ने के दौरान उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण बात यह सीखी कि कोई भी बदलाव लाने या बेहतर परिणाम हासिल करने से पहले संगठन की कार्यशैली और उसके मूल्यों को समझना जरूरी है।
वेणु ने कहा, ‘‘मुझे सबसे अच्छी सलाह यह मिली कि संगठन की संस्कृति और मूल्यों को गहराई से समझें और लोगों के साथ संबंध बनाएं। धीमा चलना तेज होने का रास्ता हो सकता है।’’
उन्होंने ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (एआईएमए) द्वारा आयोजित ‘बियॉन्ड लिगेसी : हाउ द नेक्स्ट जेनरेशन इज रिडिफाइनिंग लीडरशिप’ कार्यक्रम में कहा कि कारोबार क्षेत्रों को अपने मूल्यों को बनाए रखते हुए तेजी से बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को बदलने के लिए तैयार रहना चाहिए।
वेणु ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों, सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि तथा अनुभवों से आने वाले लोगों को साथ लेने से कंपनियों को नए दृष्टिकोण मिलते हैं।
उन्होंने कहा कि संगठनों को भारत की विविधता को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोगों, जिनमें कृषि समुदाय से आने वाले लोग भी शामिल हैं, को अवसर देना चाहिए। इससे बेहतर फैसले लेने में मदद मिलती है।
रमा किर्लोस्कर ने कहा कि उनके पारिवारिक कारोबार में पुरुषों और महिलाओं के बीच कभी भेद नहीं किया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे परिवार में कारोबार में पुरुषों और महिलाओं के बीच कभी कोई अंतर नहीं किया गया, चाहे वे कंपनी में काम कर रहे हों या कारोबार का नेतृत्व कर रहे हों।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अंत में मायने सिर्फ परिणाम रखते हैं।’’
किर्लोस्कर ने कहा, ‘‘मैं पुरानी पीढ़ी के ज्ञान का वास्तव में सम्मान करती हूं, जबकि युवा पीढ़ी ऊर्जा और आगे बढ़ने की इच्छाशक्ति लेकर आती है। दोनों दृष्टिकोणों को मिलाने वाली टीम आमतौर पर बहुत अच्छा प्रदर्शन करती है।’’
उनकी बात से सहमति जताते हुए लक्षित आवला ने कहा कि कारोबार को पारंपरिक मूल्यों को बनाए रखने के साथ नई प्रौद्योगिकियों और बदलते कारोबारी माहौल को भी अपनाने के लिए तैयार रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) आज लगभग सभी उद्योगों में चर्चा का प्रमुख विषय है, लेकिन नवीकरणीय ऊर्जा और कृषि अपशिष्ट प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में इसका व्यावहारिक इस्तेमाल अभी विकसित हो रहा है।
भाषा योगेश अजय
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