रांची: Reduced Retirement Age of Employees: दिवाली बोनस और महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे सरकारी कर्मचारियों के बीच झारखंड सरकार ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने गैर-शैक्षणिक और विशेषज्ञ चिकित्सकों की रिटायरमेंट उम्र 67 से घटाकर फिर 65 वर्ष करने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से इस संबंध में संकल्प जारी कर दिया गया है। हालांकि, नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू नहीं होगी। संकल्प जारी होने के दो साल बाद 65 वर्ष की नई सेवानिवृत्ति आयु प्रभावी होगी।
Reduced Retirement Age of Employees कोरोना महामारी के दौरान राज्य में चिकित्सकों की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़े दबाव को देखते हुए सरकार ने गैर-शैक्षणिक एलोपैथिक सरकारी चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 से बढ़ाकर 67 वर्ष कर दी थी। विभाग का कहना है कि अब कोरोना काल जैसी आपात स्थिति नहीं है। ऐसे में 67 वर्ष की आयु तक सेवा जारी रखने की व्यवस्था को स्थायी समाधान नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर पुरानी व्यवस्था बहाल करने का निर्णय लिया गया है।
विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की ओर से जारी संकल्प में झारखंड की भौगोलिक परिस्थितियों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत का भी उल्लेख किया गया है। विभाग के अनुसार, राज्य के सुदूर ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में डॉक्टरों की पदस्थापना चुनौतीपूर्ण है। अधिक उम्र या अस्वस्थता के कारण कुछ चिकित्सक ऐसे क्षेत्रों में जाने से अनिच्छा जताते रहे हैं। वहीं वरिष्ठ चिकित्सकों को प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंपने में भी कठिनाइयों का उल्लेख किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से संकल्प में दिए गए आंकड़े के अनुसार, 176 विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी, 338 चिकित्सा पदाधिकारी, 13 दंत चिकित्सक, 55 सहायक प्राध्यापक सहित कुल 582 नियुक्तियां हुई है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत भी भर्तियां की गई हैं। सरकार के इस फैसले का तत्काल असर नहीं होगा, क्योंकि संकल्प जारी होने के दो साल बाद नई सेवानिवृत्ति आयु सीमा प्रभावी होगी। इस अवधि में नियम-73 में संशोधन और चिकित्सकों की उपलब्धता से जुड़ी व्यवस्थाओं को लागू करने की प्रक्रिया पूरी की जानी है।