(तस्वीरों के साथ)
मुंबई, छह मार्च (भाषा) महाराष्ट्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में पात्र किसानों के लिए दो लाख रुपये तक के फसली ऋण माफ करने की शुक्रवार को घोषणा की। गरीब महिलाओं के लिए चलाई जा रही ‘लाडकी बहिन’ योजना को जारी रखने और इसके लिए पर्याप्त बजटीय प्रावधान करने की भी बात कही गई।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य विधानसभा में अगले वित्त वर्ष के लिए 7,69,467 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र वर्ष 2047 तक पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनेगा।
वित्त विभाग का भी प्रभार संभाल रहे फडणवीस ने ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमाफी योजना’ के तहत 30 सितंबर, 2025 तक बकाया दो लाख रुपये तक के फसली ऋण को माफ करने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि जो किसान अपने कर्ज की अदायगी नियमित रूप से करते रहे हैं, उन्हें राज्य सरकार की तरफ से 50,000 रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 में शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ आगे भी जारी रहेगी। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये दिए जाते हैं और इसके लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके साथ ही फडणवीस ने कहा कि राज्य के 1,000 से अधिक आबादी वाले सभी गांवों को कंक्रीट से बनी सड़कों के जरिये जोड़ा जाएगा।
उन्होंने महाराष्ट्र को देश की वित्तीय ताकत बताते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को पांच लाख करोड़ डॉलर के स्तर तक ले जाने का लक्ष्य है।
बजट दस्तावेज के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 में राज्य की राजस्व प्राप्तियां 6,16,099 करोड़ रुपये और राजस्व व्यय 6,56,651 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इस तरह अगले वित्त वर्ष में राजस्व घाटा 40,552 करोड़ रुपये रह सकता है।
फडणवीस ने कहा कि 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा 1,50,491 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के तीन प्रतिशत से कम रखा गया है।
फडणवीस ने अपने बजट भाषण में राज्य के दिवंगत वित्त मंत्री अजित पवार को याद करते हुए कहा कि उनके सम्मान में एक उपयुक्त स्मारक बनाया जाएगा। पवार का जनवरी में एक विमान हादसे में निधन हो गया था।
फडणवीस के बजट पेश करने के लिए खड़े होने के समय विधानसभा में भावुक माहौल बन गया। कई सदस्यों ने ‘अजित दादा अमर रहे’ के नारे लगाकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी।
पवार के निधन के बाद से फडणवीस ही राज्य के वित्त विभाग का प्रभार संभाल रहे हैं। इससे पहले पवार के पास कई वर्षों से वित्त मंत्रालय का दायित्व था।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
अजय