मुंबई, 11 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने मंगलवार को भूमि अधिग्रहण मुआवजे के भुगतान में देरी होने पर देय ब्याज दर में संशोधन और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए स्टाम्प शुल्क में रियायत देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
सरकारी बयान के अनुसार, मंत्रिमंडल ने उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 72 में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत मुआवजे के भुगतान में देरी होने पर देय ब्याज दर में संशोधन किया जाएगा।
नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल ने ऐसी परियोजनाओं के लिए गठित कंपनी समूहों या विशेष इकाइयों (एसपीवी) के बीच आंतरिक भूमि हस्तांतरण लेनदेन पर स्टाम्प शुल्क से छूट देने को भी मंजूरी दी।
इसके अलावा, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए खरीदी जाने वाली भूमि के हस्तांतरण शुल्क में 25 प्रतिशत की रियायत देने का भी फैसला किया गया।
मंत्रिमंडल ने राज्य के कृषि विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों के संशोधित संगठनात्मक ढांचे के अनुरूप चार नए पद सृजित करने को भी मंजूरी दी। इनमें कृषि निदेशक (कृषि अभियांत्रिकी, परिसंपत्ति प्रबंधन एवं एग्रीस्टैक), संयुक्त कृषि निदेशक (सांख्यिकी), संयुक्त कृषि निदेशक (सूचना एवं प्रौद्योगिकी) तथा अतिरिक्त निदेशक, एग्रीस्टैक (राजस्व) के पद शामिल हैं। संयुक्त निदेशक के दो पद प्रतिनियुक्ति के आधार पर भरे जाएंगे।
मंत्रिमंडल ने लातूर जिले की औसा तहसील स्थित श्री नीलकंठेश्वर शेतकरी सहकारी चीनी मिल को पूंजीगत व्यय और कार्यशील पूंजी के लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) से ऋण लेने की अनुमति देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके तहत 18.09 करोड़ रुपये के ऋण का प्रस्ताव एनसीडीसी को भेजा जाएगा।
भाषा
योगेश अजय
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