रायपुर, 11 अगस्त (भाषा) छत्तीसगढ़ को सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) के 10वें स्थापना दिवस समारोह में ‘जीईएम सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को नयी दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की उपस्थिति में यह सम्मान प्रदान किया गया।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकारों के लिए निर्धारित ‘प्रीमियर अवार्ड्स – स्टेट गवर्नमेंट फेलिसिटेशन’ श्रेणी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार जीईएम के प्रभावी उपयोग तथा इसके माध्यम से शासकीय खरीद के मूल्य और मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए प्रदान किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि जीईएम मंचपर पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के कारण वित्त वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ शासन को 130 करोड़ रुपये की बचत हुई है। यह बचत विभागों द्वारा खरीद के लिए अनुमानित लागत और खुली प्रतिस्पर्धी बोली के बाद प्राप्त वास्तविक बाजार मूल्य के अंतर से हुई है।
उन्होंने बताया कि जीईएम की खुली बोली प्रक्रिया, मानकीकृत विनिर्देश और प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल एवं ऑडिट योग्य रिकॉर्ड शासकीय खरीदी में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करता है। पिछले तीन वित्त वर्षों में प्रतिस्पर्धी खरीद के माध्यम से राज्य शासन को कुल 235 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
अधिकारियों ने बताया कि खरीद प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में निर्धारित जांच और निगरानी व्यवस्था लागू है। साथ ही निविदा की शर्तों एवं तकनीकी विनिर्देशों की नियमित समीक्षा की जाती है, जिससे खरीद की गुणवत्ता सुनिश्चित होने के साथ बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप वस्तुओं और सेवाओं की उपलब्धता बनी रहे।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में जीईएम के माध्यम से शासकीय खरीद वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 3,935 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 113 प्रतिशत की वृद्धि है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जीईएम ने छत्तीसगढ़ के उद्यमियों को बिना किसी मध्यस्थ के सीधे शासकीय मांग और बाजार से जुड़ने का सशक्त माध्यम उपलब्ध कराया है। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों और स्टार्टअप की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि इस पारदर्शी व्यवस्था की सफलता को दर्शाती है।
साय ने कहा, ”खुला और पारदर्शी डिजिटल मार्केटप्लेस प्रत्येक उद्यमी को समान अवसर प्रदान करता है। हमारी सरकार का प्रयास है कि इस व्यवस्था का लाभ प्रदेश के अधिक से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों, महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति के उद्यमियों और स्टार्टअप तक पहुंचे। हम पारदर्शी शासकीय खरीद के साथ स्थानीय उद्यमिता को सशक्त बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।”
भाषा संजीव जितेंद्र अजय
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